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महिलाओं की भागीदारी से डर क्यों रही हैं कुछ पार्टियां? आरती सिंह राव का हमला

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चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का विरोध करने वाली राजनैतिक पार्टियां आख़िर महिलाओं को आगे क्यों नहीं बढ़ने देना चाहती , जबकि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही, अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा लाए गए बिल पर अपने विचार व्यक्त कर रही थी। आरती सिंह राव ने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोकसभा में विपक्ष ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को रोक कर महिलाओं का अपमान किया है। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया।

आरती राव ने कहा कि नारी सब भूल जाती है लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। इन विपक्षी दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आधुनिक काल में भी महिलाएं समाज में अपनी काबिलियत से कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं हैं। आज महिलाएं डॉक्टर, मेडिसिन, चिकित्सा विज्ञान, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष विज्ञान और बिजनेस जैसे क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं बल्कि कई क्षेत्रों में तो उनसे भी आगे हैं।

आज जब देश की बेटियां स्टार्टअप्स चलाती हैं या वैज्ञानिक बनती हैं, तो वे केवल अपना ही नहीं, बल्कि पूरे देश का मस्तक गर्व से ऊंचा करती हैं। हमें ऐसी होनहार महिलाओं पर गर्व है। नारी पूरे समाज और परिवार की नींव है। एक शिक्षित और सम्मानित नारी एक पूरे परिवार को शिक्षित और संस्कारित करती है जिससे एक मजबूत परिवार और राष्ट्र का निर्माण होता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से नारी उत्थान शुरू किया। इसके बाद ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, उज्ज्वला योजना’, जन धन योजना” ‘मुद्रा योजना’ से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का काम किया है। इसके साथ ही महिलाओं के विकास के लिए कई कदम उठाए गए हैं। रक्षा सेवाओं में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन, सैनिक स्कूलों में बेटियों के दाखिले को मंजूरी और देश के सशस्त्र बलों ने एन.डी.ए में महिलाओं को दाखिला देकर महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में हरियाणा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह के नेतृत्व में हमारी सरकार भी महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया गया है। ‘लखपति दीदी’ व ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ जैसी पहलें बहन-बेटियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं। हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत गरीब महिलाओं को 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर दिये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। इसके अलावा मातृत्व मृत्यु अनुपात में भारी कमी आई है। हरियाणा का मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) 89 प्रति लाख जीवित जन्म है , जो कि पिछले साल से 25 अंक कम हैं। इस उपलब्धि पर भारत सरकार की तरफ से प्रदेश को 150 करोड़ रुपए मिले हैं।

प्रधानमंत्री मोदी जी ने नारियों के मान-सम्मान का जो अभियान पिछले 12 वर्षों से चलाया हुआ है, वह अब “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” तक पहुंच गया है। वर्ष 2023 में संसद में पारित यह कानून वर्ष 2034 में लागू होना था। लेकिन, प्रधानमंत्री जी ने इसे वर्ष 2029 में ही लागू करने के उद्देश्य से कुछ दिन पहले 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया। इसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का विधेयक लाया गया।

लेकिन, दुर्भाग्य की बात है कि विपक्ष ने इस ऐतिहासिक अवसर को निजी स्वार्थों की भेंट चढ़ा दिया। कुछ राजनैतिक दलों ने बहानों और गलत बातों को फैलाकर इस प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की। कोई धर्म के आधार पर आरक्षण की बात कर रहा है, तो कोई क्षेत्रीय असंतुलन का मुद्दा उठाकर देश को बांटने की कोशिश कर रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि यह सब केवल राजनीतिक स्वार्थ और सत्ता पाने की सोच का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के चुनाव में महिलाओं ने 65.78 फीसदी मतदान किया था। आज भी हमारी बेटियां संघर्ष कर रही हैं , लेकिन विपक्ष द्वारा उक्त अधिनियम का विरोध करके जश्न कैसे मनाया जा रहा है। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का विरोध करने वाली पार्टियां महिलाओं को आगे क्यों नहीं बढ़ने देना चाहता। इन पार्टियों को डर है कि महिलाएं आगे बढ़ गई तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रतियां हाथ में लेकर घुमने और झूठा दिखावा करने से महिलाओं को सम्मान नहीं मिलेगा।

हमारे समाज में महिलाओं का रामायण और महाभारत काल से से ही सम्मान होता रहा है। उस वक्त बच्चों को मां के नाम से जाना जाता था। हमने सुना है कि रामायण में बेटों को कौशल्या पुत्र , कैकई पुत्र कहकर सम्बोधित किया जाता था। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि इतना सम्मान द्वापर युग में महिला को मिलता था , तो अब क्यों नहीं ?

आरती सिंह राव ने लोकसभा में विपक्ष के नेता द्वारा दिए गए उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने अपने परिवार की महिलाओं का नाम लेते हुए कहा था ” प्रत्येक सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला का हाथ होता है। ” आरती सिंह ने कहा कि महिला हमेशा पीछे ही क्यों खड़ी हो , बराबर या साथ में क्यों नहीं ?

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा विधानसभा में लाये गए प्रस्ताव का समर्थन करते हुए ” नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की वक़ालत की और विपक्ष द्वारा इस अधिनियम को लोकसभा में पास होने से रोकने पर कड़ी निंदा भी की।

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