टेक्नोलॉजी: Anthropic की एक नई स्टडी में यह सामने आया है कि जो लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। वही अपनी नौकरी को लेकर सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यह शोध कंपनी के चैटबॉट Claude के करीबन 81,000 यूजर्स के सर्वे पर आधारित है। इसमें यह समझने की कोशिश की गई है कि एआई के बढ़ते प्रभाव से कर्मचारियों की सोच और काम करने का तरीका कैसे बदल रहा है।
एआई बढ़ने से होगा नौकरी का डर
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन नौकरियों में एआई का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है। वहां काम करने वाले लोगों में नौकरी जाने का डर भी ज्यादा देखा गया है। खासतौर पर सॉफ्टवेयर से जुड़े पेशों में काम करने वाले लोग टीचिंग जैसे कम एआई-आधारित क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा चिंतित दिखे। करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं में यह डर और भी गहरा है। लगभग हर पांच में से एक व्यक्ति ने माना कि एआई के कारण से भविष्य में नौकरी पर असर पड़ेगा। जिन लोगों के काम में एआई का दखल सबसे ज्यादा है वो बाकी लोगों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा नौकरी खोने की चिंता जताते हैं।
एआई में काम बनाया आसान
खास बात यह है कि चिंता के बाद भी कई लोग मानते हैं कि एआई ने उनके काम को पहले से ज्यादा आसान बना दिया है। उत्पादकता के पैमाने पर ज्यादातर यूजर्स ने खुद को बेहतर महसूस किया। कई लोगों ने बताया कि जो काम पहले महीनों में होता था। अब कुछ ही दिनों में पूरा हो रहा है। कुछ का कहना है कि घंटों का काम अब आधे समय में निपट जाता है हालांकि थोड़े यूजर्स ऐसे भी हैं जिन्हें एआई से खास फायदा महसूस नहीं हुआ है।
हर वर्ग को मिला फायदा
इस बदलाव का असर सिर्फ एक वर्ग तक ही सीमित नहीं है। ज्यादा सैलरी पाने वाले और कम आय वाले दोनों तरह के कर्मचारियों ने एआई से फायदा मिलने की बात कही है। कस्टमर सर्विस से जुड़े लोग बताते हैं कि एआई की मदद से जवाब देने में समय बच रहा है वहीं फ्रीलांसर और गिग वर्कर्स का कहना है कि इससे उन्हें छोटे-छोटे बिजनेस शुरु करने में मदद मिल रही है जैसे ऑनलाइन स्टोर सा सर्विसेस।
क्या AI बनेगा खतरा?
एआई का बढ़ता दायरा एक ओर काम को तेज और आसान बना रहा है। वहीं दूसरी ओर लोगों के मन में असुरक्षा भी पैदा हो रही है। यही कारण है कि अब यह सवाल उठने लगा है कि आने वाले समय में एआई नौकरी के लिए खतरा बनेगा या नए अवसर पैदा करेगा। आखिरकार इसका असर इश बात पर निर्भर करेगा कि लोग और सरकारें इस तकनीक का इस्तेमाल किस तरह करती है। क्योंकि सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए तो एआई भविष्य को बेहतर ही बनाएगा।
