खेल बजट 147 करोड़ से बढ़कर 1791 करोड़ रुपये होने का दावा
जालंधर, ENS: पंजाब में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाली हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। इसी सिलसिले में आम आदमी पार्टी पंजाब के पूर्व खेल मंत्री मीत हेयर ने ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब का खेलों विशेषकर हॉकी से जुड़ा इतिहास गौरवशाली रहा है। जालंधर की धरती ने देश को कई बड़े खिलाड़ी और ओलंपियन दिए हैं। ऐसे में प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन होना खेल प्रेमियों के लिए खुशी की बात है।
मीत हेयर ने कहा कि जालंधर के गांव संसारपुर को हॉकी की नर्सरी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने दावा किया कि इस गांव से 14 ओलंपियन निकले हैं और सुरजीत हॉकी स्टेडियम ने भी देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। भारतीय टीम में पंजाब के नौ खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि सात खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनका इस मैदान से खास जुड़ाव रहा है। इनमें मनदीप सिंह और हरमनप्रीत सिंह जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पहल से पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता आयोजित करने का सपना साकार हो रहा है। 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में भारत, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा लेंगी। जालंधर में 2 नवंबर तक मुकाबले होंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले 4 और 5 नवंबर को मोहाली में खेले जाएंगे।
उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे स्टेडियम पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का खेल देखें और अपने बच्चों को भी प्रतियोगिता दिखाने लाएं, ताकि उनमें हॉकी के प्रति रुचि बढ़े। मीत हेयर ने कहा कि पंजाब सरकार ने खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उनके अनुसार, जब वह खेल मंत्री थे, तब विभाग का बजट 147 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1791 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने इसे लगभग 13 गुना बढ़ोतरी बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और इससे बच्चों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उनके मुताबिक, राज्य में करीब 3100 खेल स्टेडियम बनाए गए हैं या उनसे जुड़े विकास कार्य किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को केवल पदक जीतने के बाद सम्मानित करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रतियोगिता की तैयारी के दौरान भी सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एशियन स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ी को तैयारी हेतु 10 लाख रुपये, ओलंपिक के लिए चयनित खिलाड़ी को 15 लाख रुपये और कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा लेने जा रहे खिलाड़ी को 8 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीति के तहत खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार और रोजगार संबंधी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
पाकिस्तान के टूर्नामेंट से हटने संबंधी सवाल पर मीत हेयर ने कहा कि खेलों का उद्देश्य देशों के बीच आपसी सद्भाव और शांति को बढ़ावा देना है। उनके मुताबिक, पंजाब में प्रतियोगिता के आयोजन के लिए सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं और मुख्यमंत्री स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से स्थानीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रतिभाओं को करीब से देखने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि खेलों में बेहतर परिणाम सामने आने में समय लगता है। किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में कई वर्ष की मेहनत लगती है। इसलिए खेल मैदानों, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर लगातार काम करना जरूरी है।
