चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता सिकंदर सिंह मलूका महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मुश्किलों में घिर गए हैं। पंजाब राज्य महिला आयोग ने उनके बयान पर खुद संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग ने मलूका को 23 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला बठिंडा जिले के रामपुरा फूल का है। जहां एक पत्रकार ने सिकंदर सिंह मलूका से पंजाब सरकार की ‘मावां-धीयां योजना’ को लेकर सवाल पूछा था। इस योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है।
सवाल का जवाब देते हुए मलूका ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की योजना की आलोचना की। इसी दौरान उन्होंने महिलाओं को एक-एक हजार रुपये देने को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उनके बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया और अब महिला आयोग ने इस मामले में कार्रवाई की है।
महिला आयोग ने 23 अक्टूबर को किया तलब
पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने इस बयान का कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने सिकंदर सिंह मलूका को 23 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। उन्हें आयोग के सामने अपना पक्ष रखना होगा।
DGP को पत्र लिखकर जांच के निर्देश
महिला आयोग ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव को भी पत्र लिखा है। आयोग ने मामले की जांच SP रैंक के अधिकारी से करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जांच पूरी करके रिपोर्ट 23 अक्टूबर 2026 तक महिला आयोग को सौंपने के लिए कहा गया है। अब इस मामले में पुलिस जांच और आयोग की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें रहेंगी।
