जालंधर, ENS: पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अकाली दल पार्टी भी एक्शन मोड मे आ गई है। ऐसे में अकाली दल फिर से पार्टी को मजबूत करने पर जोर दे रही है। दरअसल, गोराया में शिरोमणि अकाली दल का उद्देश्य पार्टी की व्यापार शाखा को और मजबूत करना और व्यापारी वर्ग की समस्याओं को उजागर करना है। इसी को लेकर बलदेव सिंह खैरा ने गोराया और फिल्लौर निर्वाचन क्षेत्र में व्यापार शाखा में महत्वपूर्ण नियुक्तियां कीं। इन नियुक्तियों से पार्टी की व्यापारिक शाखा में नई गतिविधि शुरू होने की उम्मीद है।
इन नियुक्तियों के तहत, सनी छाबड़ा को शिरोमणि अकाली दल की व्यापार शाखा गोराया का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा आयुष वर्मा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और आगम अरोड़ा को उपाध्यक्ष बिजनेस विंग गोराया की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह, गुलशन कुमार अरोड़ा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवीण कुमार को बिजनेस विंग हल्का फिल्लौर का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक डा. नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए बलदेव सिंह खैरा ने उम्मीद जताई कि वे पार्टी द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी लगन, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। ट्रेड विंग का उद्देश्य व्यापारी वर्ग को पार्टी से जोड़ना, उनकी समस्याओं और कठिनाइयों को उचित मंच पर उठाना और पार्टी की नीतियों को लोगों तक ले जाना है।
नव नियुक्त पदाधिकारियों से अपेक्षा की जाती थी कि वे गोराया और फिल्लौर निर्वाचन क्षेत्र के व्यापारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें और उनके हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। व्यापारी समुदाय किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और व्यापारियों की समस्याओं को समझना और उन्हें हल करने के लिए प्रयास करना समय की आवश्यकता है। इस दिशा में व्यापार शाखा के पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
इस मौके पर उनके साथ व्यापार विंग हलका फिल्लौर के प्रधान विकास शर्मा, सुरिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह संधू, हरप्रीत सिंह लवली, पूर्व विधायक बलदेव सिंह खैरा की पत्नी भावना खैरा और हरविंदर सिंह भोगल मौजूद रहे।
इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि नई टीम समन्वय से काम करेगी और गुराया और फिल्लौर निर्वाचन क्षेत्र में शिरोमणि अकाली दल के व्यापार विंग को और मजबूत करने में योगदान देगी। इन नियुक्तियों को व्यापारिक समुदाय के साथ संपर्क बढ़ाने और संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
