शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने दूध प्रोत्साहन योजना में बढ़ोतरी को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत पात्र दूध उत्पादकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 3 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। यह निर्णय बजट घोषणा के अनुरूप लिया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, किसानों की आय में वृद्धि करना तथा विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को आजीविका के एक स्थायी साधन के रूप में बढ़ावा देना है।
संशोधित योजना के अंतर्गत प्रदेश की पात्र गैर-सरकारी डेयरी सहकारी समितियों को दूध की आपूर्ति करने वाले दूध उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 6 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए सरकार ने 14 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ और कृषि एवं इससे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आजीविका के स्थायी अवसर सृजित करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ डेयरी फार्मिंग को आर्थिक रूप से व्यवहार्य और लाभकारी बनाने पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दूध उत्पादन बढ़ाने, सहकारी संस्थाओं को सुदृढ़ करने तथा दूध एवं दुग्ध उत्पादों की खरीद और विपणन व्यवस्था में सुधार के लिए किसान हितैषी योजनाएं निरंतर जारी रहेंगी।
