शिमला: हिमाचल प्रदेश में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक अंतर-विभागीय बैठक आयोजित की गई। प्रदेशभर में 60 दिनों तक चलाए जाने वाले इस अभियान का उद्देश्य तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, युवाओं को तंबाकू सेवन से रोकना तथा पहले से तंबाकू का सेवन कर रहे लोगों को इसे छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। अभियान के पिछले संस्करण में हिमाचल प्रदेश को बड़े राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में भी स्थान मिला था।
बैठक में सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और विज्ञापनों के माध्यम से तंबाकू उत्पादों के बढ़ते प्रचार पर चिंता व्यक्त की गई। इस तरह का प्रचार युवाओं को तंबाकू सेवन के प्रयोग और धीरे-धीरे इसकी लत की ओर प्रेरित कर सकता है। ऐसे प्रभावों का मुकाबला करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अभियान के तहत तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने, तंबाकू मुक्त गांवों को प्रोत्साहित करने, कोटपा-2003 और पीईसीए-2019 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा शैक्षणिक संस्थानों, सोशल मीडिया और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेशभर के लगभग 18 हजार शैक्षणिक संस्थानों को इस अभियान के दायरे में लाया जाएगा।
बैठक में प्रदेश में चलाए जा रहे एंटी-चिट्टा अभियान के साथ तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 की गतिविधियों को जोड़ने का भी निर्णय लिया गया, ताकि नशे एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग तथा लत के विरुद्ध राज्य के प्रयासों को और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके।
