चंडीगढ़: पंचकूला के एक स्कूल में विशेष आवश्यकता वाले एक छोटे बच्चे के साथ हुई घटना पर हरियाणा सरकार ने संज्ञान लिया है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके कल्याण में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार पीड़ित बच्चे के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती है और इस कठिन समय में पूरी संवेदनशीलता के साथ परिवार के साथ खड़ी है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बताया कि इस गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन, पंचकूला द्वारा तुरंत जांच आदेश जारी कर दिए हैं। पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, पुलिस आयुक्त द्वारा नामित पुलिस अधिकारी तथा एक विशेष शिक्षक या बाल मनोवैज्ञानिक को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह जांच समिति विभिन्न प्रमुख बिंदुओं पर गहनता से जांच करेगी, जिसमें घटना के संपूर्ण घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से जांच, कक्षा अध्यापकों, सहायकों और विशेष शिक्षकों की ऑन-ड्यूटी उपस्थिति और उनकी जवाबदेही तय करना शामिल है।
राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से आम जनता तथा मीडिया से अपील की गई है कि वे इस घटना से संबंधित कोई भी वीडियो या पहचान उजागर करने वाली जानकारी साझा न करें। किशोर न्याय अधिनियम के तहत ऐसा करना एक दंडनीय अपराध है। सरकार पीड़ित बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
