अमृतसरः भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) लागू होने के बाद अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो टर्मिनल से यूनाइटेड किंगडम के लिए पहली कार्गो खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर आयोजित फ्लैग ऑफ समारोह में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) के अधिकारियों, कार्गो विभाग के अधिकारियों और निर्यातकों ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान कार्गो टर्मिनल में सामान की पैकिंग, स्कैनिंग और कंटेनरों को हवाई जहाज तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी दिखाई गई। इसके बाद पहली खेप को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
डीजीएफटी के उप निदेशक आदित्य सिंह चौहान ने बताया कि भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत भारत के लगभग 99 फीसदी उत्पादों को यूके के बाजार में जीरो ड्यूटी का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले रेडीमेड गारमेंट्स पर 12 से 20 फीसदी तक ड्यूटी लगती थी, जिसके कारण भारतीय उत्पाद मुकाबले में महंगे पड़ते थे। अब ड्यूटी खत्म होने से भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा और निर्यात में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है।
अमृतसर कार्गो के प्रभारी आजाद सिंह ने कहा कि इस समझौते के तहत अमृतसर से पहली खेप के रूप में रेडीमेड गारमेंट्स यूके भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि अमृतसर कार्गो से पहले भी यूके के लिए सामान भेजा जाता रहा है, लेकिन जीरो टैरिफ डील के बाद और भी नए निर्यातक आगे आएंगे। उन्होंने बताया कि अमृतसर से मुख्य रूप से रेडीमेड गारमेंट्स, स्पोर्ट्स गुड्स, इंजीनियरिंग उत्पाद और जल्दी खराब होने वाली कृषि वस्तुएं जैसे अल्फोंसो और केसर आम, बेबी कॉर्न, हरी मिर्च और अन्य सब्जियां विदेशों में निर्यात की जाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस समझौते से पंजाब सहित देश के निर्यातकों को नए बाजार मिलेंगे और भारत-यूके व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
