फगवाड़ाः ब्रिटेन में एक मकान में लगी भीषण आग में फगवाड़ा निवासी महिला डॉक्टर शिवानी की मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। मृतका के पिता डॉ. केके वर्मा ने मामले में घरेलू उत्पीड़न और साजिश की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं उनके ससुराल पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट या रूम हीटर में खराबी को बताया है।
ब्रिटेन में देर रात दंपती के घर में अचानक आग लग गई। मकान से धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल और बचाव टीम ने घर के अंदर फंसे दंपती को बाहर निकाला। हालांकि, गंभीर रूप से झुलसने और धुएं के कारण दम घुटने से डॉ. शिवानी की मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति दिलावर कटारिया भी आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बर्मिंघम के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह कोमा में हैं और वेंटिलेटर पर उनका उपचार चल रहा है।
डॉ. शिवानी के पिता डॉ. केके वर्मा ने घटना को महज हादसा मानने से इनकार किया है। उनका आरोप है कि वर्ष 2023 में शादी के बाद बेटी के ब्रिटेन जाने पर उसे पति और ससुराल पक्ष की ओर से कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना और घरेलू उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उन्होंने मामले में किसी साजिश की आशंका जताते ब्रिटेन में निष्पक्ष और गहन आपराधिक जांच करवाने की मांग की है।
मृतका के परिवार ने भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) और ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग से भी हस्तक्षेप की अपील की है। स्थानीय चिकित्सा जगत के लोगों ने भी परिवार की मांग का समर्थन किया है।
दूसरी ओर फगवाड़ा के निकट खट्टी गांव में रहने वाले दिलावर कटारिया के परिजनों ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि दोनों के बीच संबंध सामान्य और अच्छे थे तथा किसी तरह का घरेलू विवाद नहीं था। ससुराल पक्ष के अनुसार, घर में आग लगने की वजह रूम हीटर में खराबी या बिजली के एक्सटेंशन बोर्ड में शॉर्ट सर्किट हो सकती है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताया है।
घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ब्रिटेन की पुलिस और विशेषज्ञ फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी मकान के जले हुए हिस्सों, बिजली की वायरिंग, घरेलू उपकरणों और आग लगने के संभावित कारणों की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस के लिए फिलहाल एक अहम चुनौती पति दिलावर कटारिया की गंभीर हालत भी है। उनके बयान के बिना आग लगने से पहले की परिस्थितियों और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
ब्रिटेन में संदिग्ध या अस्पष्ट परिस्थितियों में हुई मौत के मामलों में कोरोनर की जांच और पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसी वजह से डॉ. शिवानी का शव भारत लाने और फगवाड़ा में अंतिम संस्कार करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। इसके लिए फोरेंसिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आवश्यक राजनयिक मंजूरियों का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल ब्रिटिश पुलिस ने मामले में किसी के खिलाफ औपचारिक आपराधिक आरोप दर्ज नहीं किए हैं। जांच जारी है और आग लगने की असल वजह फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
