चंडीगढ़: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पेंशनर सेवा पोर्टल (पी.एस.पी.) के तहत कई नई डिजिटल पहलों की घोषणा की, जिनमें सभी पंजीकृत निवासी पेंशनरों के लिए 31 दिसंबर, 2026 तक आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य करना तथा एनआरआई पेंशनरों के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप चैटबॉट सुविधा शुरू करना शामिल है।
1 नवंबर, 2025 को शुरू किए गए इस पोर्टल की अभूतपूर्व सफलता पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने 3 लाख से अधिक पेंशन रिकॉर्ड को डिजिटल रूप दिया है, लगभग 3 लाख डिजिटल जीवन प्रमाण पत्रों की सुविधा प्रदान की है और करीब 12,000 करोड़ रुपये के पेंशन भुगतानों की प्रक्रिया पूरी की है। इससे पेंशन प्रणाली अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ बन गई है।

पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “1 नवंबर, 2025 को शुरू किया गया पेंशनर सेवा पोर्टल पंजाब सरकार की एक प्रमुख डिजिटल गवर्नेंस पहल है, जिसने पारंपरिक पेंशन प्रणाली को एक एकीकृत, सुरक्षित और पारदर्शी ढांचे में बदल दिया है। मात्र छह महीनों के भीतर इस प्लेटफॉर्म ने लगभग 3 लाख डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, 1.7 लाख ई-केवाईसी और 1.3 लाख ऑनलाइन सेवाएं सफलतापूर्वक उपलब्ध करवाई हैं, जबकि इसके माध्यम से लगभग 12,000 करोड़ रुपये के पेंशन वितरण की प्रक्रिया पूरी की गई है।”
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जोर देते हुए कहा कि जीवन प्रमाण सुविधा से जुड़ने के कारण पेंशनर अब अपने घर बैठे ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवाने में सक्षम हुए हैं। इससे इस सुविधा को अपनाने की दर 6 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गई है और खजाना कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया मात्र दो मिनट की है और इसे आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अथवा किसी जिला खजाना कार्यालय, संबंधित पेंशन वितरण बैंक या सेवा केंद्र में जाकर आसानी से पूरा किया जा सकता है।
