जालंधर, ENS: पंजाब सरकार द्वारा ‘मेरा मकान मेरे नाम’ योजना के तहत लाल लकीर के भीतर आने वाले घरों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस संबंध में आज एक नोटिस जारी करते हुए सरकार ने ऐसे मकानों का मालिकाना अपने नाम करवाने के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। इस निर्णय से उन लोगों को लाभ होगा जो लंबे समय से अपने घरों में रह रहे हैं, जिनके पास अपने घरों के स्वामित्व के संबंध में कोई स्थायी कानूनी दस्तावेज नहीं थे।
दरअसल, चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि लाल लकीर के तहत घरों और क्षेत्रों का मसौदा पंजाब सरकार द्वारा तैयार किया गया है। सरकार का उद्देश्य ऐसे लोगों को उनके घरों का कानूनी स्वामित्व देना है जो कई वर्षों से इन घरों में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन घरों के निवासियों को संपत्ति कार्ड प्रदान करेगी। इस संपत्ति कार्ड के आधार पर लोग अपने नाम से अपने घरों का पंजीकरण करा सकेंगे। इससे लोगों को अपने घर के स्वामित्व का ठोस प्रमाण मिलेगा और भविष्य में संपत्ति से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
वहीं, पंजाब सरकार के इस फैसले की हकीकत और लोगों की प्रतिक्रिया जानने के लिए जालंधर में मीडिया टीम ग्राउंड जीरो परपहुंची और लाल लकीर के घरों में रहने वाले लोगों से बातचीत की। लोगों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। वहीं सरकार की इस योजना को लेकर लोगों ने कहा कि वे लंबे समय से अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन उचित स्वामित्व दस्तावेजों की कमी के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
अब सरकार ने संपत्ति कार्ड बनाने और पंजीकरण की सुविधा देने का फैसला किया है, जिससे उन्हें अपने घरों का कानूनी मालिक बनने का अवसर मिलेगा। पंजाब सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए लोगों ने सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि यह पहल आम लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार इस योजना को जल्द से जल्द लागू करेगी ताकि लाल डोरा के तहत घरों के निवासियों को अपने घरों के स्वामित्व का अधिकार मिल सके।
