विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति बढ़ाई रुचि, छात्राओं को तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए किया प्रेरित
ऊना: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना ने स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। 2 और 3 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के पांच स्कूलों के 130 विद्यार्थियों और आठ शिक्षक-संकाय सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का विशेष फोकस छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से अवगत करवाकर उन्हें भविष्य में इन क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के पहले दिन 2 नवंबर को पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय ऊना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संतोषगढ़, पीएम केंद्रीय विद्यालय सलोह और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नंगरां की कक्षा दसवीं और ग्यारहवीं (विज्ञान संकाय) की 92 छात्राओं ने छह शिक्षकों के साथ संस्थान का दौरा किया। यह भ्रमण नॉलेज पार्टनर विजिट के तहत आयोजित किया गया। वहीं, 3 नवंबर को अमर नाथ शर्मा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बधेरा राजपूतां के कक्षा छठी से आठवीं तक के 38 विद्यार्थियों ने तीन शिक्षकों के साथ व्यावसायिक शिक्षा नवाचार कार्यक्रम के अंतर्गत संस्थान का भ्रमण किया।
इस दौरान विद्यार्थियों को आईआईआईटी ऊना के शैक्षणिक माहौल और आधुनिक तकनीकी शिक्षा से रूबरू करवाया गया। डॉ. निष्ठा हुड्डा ने संस्थान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों को एआई के बढ़ते उपयोग, आधुनिक जीवन में इसकी उपयोगिता और भविष्य में इसकी संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद डॉ. सतेंद्र कुमार ने नवाचारी परियोजनाओं और पाठ्यपुस्तकों से आगे भौतिकी विषय की रोचक जानकारी साझा की।
विद्यार्थियों ने संस्थान की भौतिकी एवं रसायन विज्ञान प्रयोगशालाओं का भी भ्रमण किया। यहां उन्हें विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों, परियोजनाओं और सैद्धांतिक अवधारणाओं के व्यावहारिक उपयोग को नजदीक से समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर विज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से समझने का मौका दिया।
कार्यक्रम का आयोजन आईआईआईटी ऊना की आउटरीच प्रोग्राम टीम ने फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. सोनल चौकसे के मार्गदर्शन और छात्र स्वयंसेवकों के सहयोग से किया। संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौर और कुलसचिव डॉ. रवि सैनी का भी इस पहल को प्रोत्साहन एवं संस्थागत सहयोग मिला।
संस्थान की इस पहल का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र की संभावनाओं से जोड़ना है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से आईआईआईटी ऊना स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ अपना जुड़ाव मजबूत करने के साथ-साथ विशेषकर छात्राओं को विज्ञान, तकनीक और उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।
