पंचकूलाः पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित सरकारी स्कूल में छह वर्षीय बच्ची पर कथित हमले के मामले में पीड़िता के चाचा फाजिल ने दावा किया है कि आरोपी तीसरी कक्षा का छात्र PUBG और अन्य हिंसक गेम खेलता था। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्र के पिता ने भी उसके गेम खेलने की बात स्वीकार की है।
उधर, बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है और चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। चाचा ने बताया कि आरोपी छात्र ने पहले बच्ची को ‘पागल’ कहा था। इस पर बच्ची ने विरोध जताते उसकी शिकायत करने की बात कही। जिसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची से कहा कि उसके पिता ऊपर हैं और वह उसके साथ चले। चाचा के अनुसार आरोपी छात्र के पिता ने भी उसके PUBG और इसी तरह के अन्य गेम खेलने की पुष्टि की है। हालांकि, गेम खेलने और इस घटना के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फाजिल ने बताया कि बच्ची पिछले दो-तीन दिनों से बेहतर चिकित्सा देखभाल में है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्ची की हालत पहले से बेहतर है। पीड़िता के परिवार ने स्कूल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि घायल और बेहोश बच्ची तक आरोपी छात्र ही उन्हें लेकर गया था। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानाचार्य के कार्यालय में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी होने के बावजूद किसी को घटना का पता क्यों नहीं चला।
परिवार के अनुसार मामले में स्कूल प्रबंधन और आरोपी छात्र के संबंध में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। पुलिस ने स्कूल की प्रधानाचार्य, कक्षा प्रभारी और चौकीदार के खिलाफ कथित लापरवाही के आरोप में मामला दर्ज किया है।
हरियाणा शिक्षा विभाग ने मामले में कार्रवाई करते स्कूल की प्रधानाचार्य नीलू और दो जेबीटी शिक्षकों सिमरनजीत कौर तथा पूजा रानी को निलंबित कर दिया है। दोनों शिक्षकों को पहले निलंबित किया गया था, जबकि प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई दो नवंबर को की गई।
समिति सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के साथ घटना के समय शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी, बच्चों की निगरानी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार में देरी और बच्ची को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया की भी पड़ताल करेगी। सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराने और बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाने का फैसला भी किया है।
वहीं, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी घटना का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने पंचकूला के जिला शिक्षा अधिकारी से घटना की परिस्थितियों, स्कूल में निगरानी व्यवस्था और शिक्षा विभाग की ओर से की गई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
