पंचकूलाः सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में केजी कक्षा की मासूम बच्ची के साथ कथित बेरहमी से मारपीट के मामले में अब परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। जिसपर शिक्षा विभाग और प्रशासन सख्त हो गया है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही घटना का वीडियो देखा। शिक्षा मंत्री ने माना कि इस वीडियों को देख पाना भी मुश्किल है।
ऐसे में उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश देकर मुख्यालय स्तर पर एक कमेटी गठित करवाई और जांच के निर्देश दिए थे। आपको बता दें घटना के बाद बच्ची को पीजीआई रेफर कर दिया था, जिसकी जान खतरे से बाहर है। पंचकूला सरकारी की 2 जेबीटी टीचर्स सस्पेंड किए है।
वहीं पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी आठ वर्षीय बच्चे को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने अंबाला स्थित ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया है। बोर्ड ने 31 अक्टूबर को दिए आदेश में बच्चे को जांच पूरी होने तक उसकी सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए हैं। इस बीच घायल बच्ची का चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है, हालांकि वह खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है।
बोर्ड के आदेश के अनुसार, बच्चे को 2 नवंबर को मेडिकल प्रक्रिया के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) ले जाया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस दिन बच्चे को बोर्ड के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश करना होगा। बच्चे को जुवेनाइल अधिकारी पीएसआई सुरेश पाल की निगरानी में बोर्ड के सामने पेश किया गया था।
पुलिस ने आरोपी बच्चे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 117(2) (गंभीर चोट पहुंचाना) और 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना) के तहत मामला दर्ज किया है। बोर्ड मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। स्कूल की लापरवाही को लेकर एक एफआईआर दर्ज की है। वहीं प्रशासन ने सभी पंचकूला स्कूल के लिए एसओपी जारी की जाएगी जो स्कूल में लागू करवाएगी औऱ समय-समय पर पुलिस स्कूलों में जागरूक कैंप का आयोजन भी करेंगी। वहीं उन्होंने बच्चों के परिजनों को विश्वास दिलाया है कि उनके बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की अहम जिम्मेदारी है।
