शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राष्ट्रीय संकल्प दिवस मनाया गया। उन्होंने भारत के लौह पुरुष एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर रक्त दान शिविर का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी एक असाधारण व्यक्तित्व की धनी नेता थीं, जो अपने साहस, दृढ़ संकल्प और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कड़े निर्णय लेने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व ने भारतीय इतिहास में एक निर्णायक अध्याय जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए। इनमें बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पूर्व रियासतों के शासकों के प्रिवी पर्स की समाप्ति तथा वर्ष 1971 में भूमि स्वामित्व सीमा संबंधी उपायों का कार्यान्वयन प्रमुख हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य आर्थिक असमानताओं को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र को सुदृढ़ करना तथा विकास का लाभ समाज के व्यापक वर्गों तक पहुंचाना था।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मतदान का अधिकार स्वतंत्रता के बाद देश की सबसे महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है और इसकी हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतों में हेराफेरी और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोप गंभीर विषय हैं, जिनकी पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन मुद्दों को उठा रही है और चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने के किसी भी कथित प्रयास के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज करवा रही है।
