शिमला: भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। केंद्र सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के उद्देश्य से अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, स्वास्थ्य बीमा के व्यापक दायरे, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा डिजिटल तकनीक के समावेश से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

यह बात राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जिला कांगड़ा के पालमपुर में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें वार्षिक सम्मेलन एवं हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा यह परिवर्तन केवल चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करना तथा विकास प्रक्रिया के केंद्र में नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देना है।

प्रदेश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की 320 नई सीटें स्वीकृत किए जाने तथा इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 415 करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए जाने का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. सुधीर सल्होत्रा को नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करवाया तथा चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. सूरत सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। उन्होंने एनजेडओएस जर्नल जारी किया तथा हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया।
