अमृतसरः तरनतारन रोड पर स्थित डेरा कर सेवा संत भूरी वाले में संत बाबा जैमल सिंह जी, संत बाबा गुरदयाल सिंह जी, बाबा नामदेव सिंह जी और बीबी हरजिंदर कौर जी की वार्षिक पुण्यतिथि (यादगार दिवस) के उपलक्ष्य में एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश-विदेश से आए संत और सम्मानित हस्तियां शामिल हुईं।
गुरबानी पाठ, गुरमत पर चर्चा और सेवा-सिमरन के माध्यम से कार्यक्रम ने संगत को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से जुड़ने का संदेश दिया। कश्मीर सिंह भूरी वाले ने बताया कि यह आयोजन उन महापुरुषों की याद में गहरी श्रद्धा और प्रेम के साथ किया जा रहा है, जिन्होंने अपना जीवन सेवा और सिमरन को समर्पित कर दिया था। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आई संगत और संत-महापुरुष इस कार्यक्रम की शोभा और गरिमा को और बढ़ा रहे हैं।
शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। ऐसे धार्मिक आयोजनों के महत्व पर बात करते उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों और सिख संस्थानों के प्रबंधन में विभिन्न संप्रदायों के उचित प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया। पंजाब के मौजूदा हालात पर चिंता जताते ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि नशीले पदार्थों की समस्या युवाओं के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह ड्रग्स के कारोबार से जुड़ी गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पूरी तरह से खोलने और वाघा बॉर्डर के जरिए व्यापार और आवाजाही को बहाल करने पर गंभीरता से विचार करे। उन्होंने कहा कि इससे लोगों के बीच आपसी संबंध और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
