चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने कहा कि आज के दौर में दुनिया को केवल सवालों के जवाब जानने वाले लोगों की ही नहीं, बल्कि बेहतर सवाल पूछने और नई संभावनाओं को तलाशने का साहस रखने वाले युवाओं की भी आवश्यकता है। विद्यार्थियों की वास्तविक पहचान केवल उनकी डिग्री से नहीं, बल्कि उनकी सोच की गहराई, चरित्र की मजबूती और ज्ञान के मानवीय उपयोग से होती है। इसिलए आप सभी डिग्री धारक शिक्षा, नवाचार, उद्यमशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। साथ ही ज्ञान, चरित्र और मानवीय मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाएं।
राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष मंगलवार को कैथल स्थित आरकेएसडी कॉलेज के 35वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लगभग 190 स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। दीक्षांत समारोह के दौरान उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा यह कार्यक्रम एक ओर विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव है, वहीं दूसरी ओर उनके जीवन की नई यात्रा की शुरुआत भी है। आपने वर्षों तक जो ज्ञान अर्जित किया है और अब उनके सामने अपने विचारों, प्रतिभा तथा क्षमताओं से दुनिया को बेहतर बनाने का अवसर है। स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, अनुभव, नई सोच तथा सकारात्मक बदलाव में बदलने का प्रयास करना चाहिए।
राज्यपाल प्रो. घोष ने आरकेएसडी कॉलेज की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान में लगभग 5,000 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 2,600 छात्राएं शामिल हैं। संस्थान उनके शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को दिया गया ज्ञान, मार्गदर्शन और संस्कार जीवनभर उनकी अमूल्य पूंजी बने रहेंगे। शिक्षकों के विचार, व्यवहार और आदर्श विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हैं।