शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज चंबा के ऐतिहासिक चौगान में ‘विकसित भारत-विकसित हिमाचल’ विषय पर आयोजित तीसरे डेस्टिनेशन हिमाचल एक्सपो-2026 के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय संसाधनों और मानवीय क्षमता का प्रभावी उपयोग कर युवाओं, उद्यमियों, किसानों, कारीगरों और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि यह एक्सपो लोगों को रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे आयोजन युवाओं और स्थानीय समुदायों को उपलब्ध अवसरों की जानकारी देने के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं के द्वार भी खोलते हैं।
राज्यपाल ने संपर्क सुविधाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल टनल और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी पहलों ने हिमाचल प्रदेश के दूरदराज एवं दुर्गम क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं पैदा की हैं। बेहतर सड़क संपर्क से बाजारों, पर्यटन स्थलों और आर्थिक गतिविधियों तक पहुंच आसान हुई है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों तक भी पहुंचना चाहिए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

राज्यपाल ने चंबा रुमाल सहित प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प, लकड़ी की नक्काशी, स्थानीय खाद्य उत्पादों, कृषि एवं बागवानी उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी पहचान और बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए आधुनिक डिजाइन, गुणवत्ता मानकों, डिजिटल मार्केटिंग और प्रभावी विपणन व्यवस्था को अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने चंबा के कारीगरों से आग्रह किया कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, ताकि अपनी आजीविका को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक कला एवं कौशल को भी संरक्षित रखा जा सके।