4.68 करोड़ की नकदी, 313 किलो चांदी, और 6 सोना पहले हो चुका है बरामद
जालंधर, ENS: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अमेरिका से भारतीयों के अवैध डिपोर्टेशन और डंकी रूट मानव तस्करी मामले से जुड़े ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दरअसल, ईडी टीम द्वारा लगातार अमेरिका में डिपोर्ट हुए भारतीयों के मामले में कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस मामले में ईडी टीम ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली से ट्रैवल एजेंट तरुण खोंसला को गिरफ्तार किया है। जिसके बाद ईडी टीम द्वारा आज एजेंट तरुण खोंसला को कोर्ट में पेश किया गया।
जहां ईडी टीम द्वारा 10 दिन का रिमांड मांगा गया और ईडी टीम को 7 दिन का रिमांड मिला है। इस दौरान कोर्ट में पेश हुए वकील ने बताया कि डंकी रूट का काफी समय से मामला चल रहा था। ऐसे में आज दोषी को काबू करके कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर आज कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट में माननीय जज से 10 दिन का रिमांड मांगा गया था, लेकिन कोर्ट से 7 दिन का रिमांड मिला है। वकील ने कहा कि 2025 में संपति बरामद हुई थी, लेकिन गिरफ्तारी एजेंट की अब हुई है। वकील का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग केस में दोषी को गिरफ्तार किया गया है।
एजेंसी इस मामले में विदेश भेजने के नाम पर लोगों से कथित तौर पर वसूली गई रकम, संदिग्ध लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि ईडी की टीम ने डिपोर्ट हुए भारतीयों को लेकर कार्रवाई की हो। इससे करीब एक साल पहले भी अमेरिका से डिपोर्ट हुए भारतीयों को लकेर ईडी टीम ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 13 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान दिल्ली के एक प्रमुख ट्रैवल एजेंट (तरुण खोसला) के ठिकाने से करीब 4.68 करोड़ रुपये नकद, 313 किलो चांदी, और 6 किलो सोने के बिस्किट/बार बरामद किए गए थे।
जिसके बाद जब्त की गई कुल संपत्ति और नकदी की कीमत लगभग ₹19.13 करोड़ आंकी गई थी। बताया जा रहा हैकि यह कार्रवाई फरवरी 2025 में अमेरिका द्वारा सैन्य विमानों के जरिए 330 अवैध भारतीय प्रवासियों (मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और गुजरात से) को वापस डिपोर्ट किए जाने के बाद पंजाब और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की जांच का हिस्सा है।