लाइफस्टाइल: पहले के समय में टीनएजर्स जितने शांत और प्राइवेट थे अब के समय में जेन-जी अपने रिलेशनशिप को लेकर खुलकर और बिना किसी झिझक के बात करते हुए दिख रहे हैं। डेटिंग लाइफ को लेकर भी जेन-जी का अंदाज काफी अलग है। वहीं डेटिंग ऐप से उनका पुराना रिश्ता है। ऐप पर अपना पार्टनर चुनने का रिस्क इन दिनों सिर्फ और सिर्फ जेन-जी ही ले रहे हैं। बम्बल, टिंडर, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे ऐप्स इस पीढ़ी के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो रहे हैं।
जेन-जी के बीच ट्रैंड हुई डोपामिन डेटिंग
वहीं कुछ लोग ऐसे भी जिनको आज के समय में पार्टनर की जरुरत नहीं है। ऐसे लोग या तो किसी ब्रेकअप से उबर रहे हैं या अपने करियर में बिजी है या कमिटमेंट देने से बच रहे हैं। ऐसे में जब भी वो बोर होते हैं तो बोरियत को दूर करने के लिए टाइमपास के लिए डेटिंग ऐप्स पर आईडी बनाते हैं। आईडी बनाकर पार्टनर की तलाश करते हैं और इसी तलाश को जेन-जी की भाषा में डोपामिन डेटिंग कहते हैं।
आखिर क्या होती है डोपामिन डेटिंग?
डोपामिन डेटिंग का मतलब है कि जब भी कोई व्यक्ति किसी गंभीर रिश्ते या फिर कनेक्शन की तलाश में नहीं होता उसको सिर्फ टाइमपास करने, बोरियत दूर करने या फिर तुरंत तारीफ करने के लिए डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाज करना होता है। ऐसे में जब भी ऐप पर कोई मैसेज आता है तो उनके दिमाग में डोपामिन (गुड हार्मोन) रिलीज होता है जिससे कुछ देर के लिए उन्हें अच्छा महसूस होता है। इसी को ही डोपामिन डेटिंग कहते हैं।
रिश्ता बनेगा मजबूत
इस ट्रैंड से रिश्तो को आप मजबूत और नया जैसा कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका कनेक्शन रिलेशनशिप के साथ शुरु में फील होने वाले हैप्पी हार्मोन के साथ होता है। यह हार्मोन आपके मूड़ को अच्छा रखेगा जिससे आपकी पार्टनर के साथ बॉन्डिंग अच्छी रहेगी। वहीं यदि आप रिश्ते को लंबे समय तक रखना चाहते हैं तो उसमें कभी भी जल्दबाजी न करें। यदि वह रिश्ता टिक पा रहा है तो यह धीरे-धीरे फूलने लगेगा। अपने पार्टनर की हर छोटी-छोटी बातों पर आपको ध्यान देना होगा। इसके अलावा उसके साथ बिताए अच्छे लम्हों को याद करे। इसी डोपामिन ट्रैंड से रिश्ता और भी खास बनेगा।