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आखिर किस वजह से ना नहीं सुनना चाहते हैं Gen-Z, Experts ने खुद बताया कारण

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लाइफस्टाइल: अब का दौर ऐसा शुरु हो गया है जिसमें किसी को ना सुनना पसंद नहीं होती है। चाहे फिर दोस्तों को मिलने से मना करना हो या फिर कोई पसंद का व्यक्ति रिलेशनशिप के लिए इंकार कर दे या फिर नौकरी के लिए दिया गया आवेदन रिजेक्ट हो जाए। ऐसे समय में दुख होना बिल्कुल आम है परंतु आज Gen-z को लेकर कहा जाता है। इस पीढ़ी को रिजेक्शन यानी की अस्वीकार किया जाना एक्सेप्ट करना थोड़ा ज्यादा मुश्किल हो पा रहा है। आखिर ऐसा क्यों है इसका जवाब अब एक्सपर्ट्स ने दिया है।

दोस्त को मिलने के लिए कहा और किया मना

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब कोई व्यक्ति हमें मना करता है तो हम कई बार तुरंत सोचने लग जाते हैं परंतु हममें ही कोई कमी है। उदाहरण के लिए यदि आपने किसी दोस्त को मिलने के लिए कहा और उसने मना कर दिया है तो आपके मन में यह आएगा कि शायद वो आपको पसंद नहीं करता है परंतु यह जरुरी नहीं है कि ऐसा ही हो। यह भी हो सकता है कि उस दिन व्यस्त हो या थका हुआ हो या फिर उसके पास कोई जरुरी काम हो।

हो सकते हैं अपने कारण

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब भी कोई व्यक्ति हमें यह बोलता है कि हम कई बार तुरंत सोचने लगते हैं कि शायद हम लोगों में ही कोई कमी होगी। उदाहरण के तौर पर जैसे किसी दोस्त ने मिलने के लिए मना कर दिया और आपके मन में यह आया हो कि वो आपको पसंद करता है परंतु जरुरी तो नहीं है कि ऐसा ही हो सकता है कि उसके अपने कुछ कारण है।

दूसरों का फैसला तय नहीं करेगा कीमत

यह समझना बहुत जरुरी है कि दूसरे व्यक्तियों का फैसला आपकी पूरी वैल्यू तय नहीं होती। किसी को आपको चुनना है या चुनना आपकी अच्छाई या बुराई का फैसला नहीं है। मान लें कि आपने किसी नौकरी के लिए आवेदन किया है परंतु आपका सिलेक्शन ही नहीं हुआ है। कंपनी को उस समय किसी भी दूसरे तरह के अनुभव वाले व्यक्ति की जरुरत नहीं हो सकती। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति रिलेशनशिप के लिए मना करता है तो इसका अर्थ यह नहीं होता कि आपमें कोई कमी हो हर व्यक्ति की अपनी पसंद और परिस्थितियां हो सकती हैं।

सुनना भी जिंदगी की जरुरी सीख

एक्सपर्ट्स का यह कहना है कि जिंदगी में हर बार हमें हमारी पसंद की चीज नहीं मिलती है। कभी दोस्त मना कर देते हैं तो कभी नौकरी नहीं मिलती कभी रिश्ता टूट जाता है परंतु हर ना को अपनी हार नहीं मानना चाहिए। हां आपकी कीमत नहीं बढ़ाता पर किसी की ना आपकी कीमत कम कर सकती हैं। ऐसे में जेन-जी हर उम्र के व्यक्ति को यह सीखना चाहिए कि दुखी होना ही ठीक होता है परंतु अभी भावनाओं को समझ कर खुद को संभालना और आगे बढ़ना भी जरुरी है।

 

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