चंडीगढ़: पंजाब के खनन एवं भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने गोवा में खान एवं कोयला क्षेत्र में सुधारों से संबंधित खनन मंत्रियों के उच्चस्तरीय सम्मेलन के दौरान राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण खनन मुद्दे और नीतिगत मांगें उठाईं। 5 और 6 नवंबर, 2026 को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पंजाब ने खनन प्रशासन में की गई महत्वपूर्ण प्रगति का विवरण प्रस्तुत करने के साथ-साथ मुख्य रूप से माइनर मिनरल्स पर निर्भर राज्यों के लिए समान केंद्रीय सहायता की मांग की।

केंद्रीय मंत्री ने पंजाब की चिंताओं के समाधान के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए एस.ए.एस.सी.आई. ढांचे के संबंध में राज्य द्वारा उठाए गए मुद्दे पर विचार करने की सहमति दी। सम्मेलन के दौरान पंजाब के खनन एवं भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स के तहत पंजाब ने श्रेणी-3 के राज्यों में प्रथम स्थान हासिल किया है और खनन सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 200 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन राशि प्राप्त की है।
बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, “राष्ट्रीय खनिज सुरक्षा में योगदान देने के लिए पंजाब में पर्याप्त संभावनाएं हैं। हमने फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब में चल रहे पोटाश अन्वेषण के साथ-साथ मिशन अन्वेषण के तहत किए जा रहे हाइड्रोकार्बन अन्वेषण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की है।”

उन्होंने आगे बताया कि पर्यावरण संबंधी मंजूरियों की निगरानी और प्रक्रिया को सुचारू बनाने से स्वीकृति देने का समय एक वर्ष से अधिक से घटकर छह महीने से भी कम रह गया है। इसके परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दी गई 15 पर्यावरणीय मंजूरियों की संख्या बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 47 हो गई है।
