चंडीगढ़: हरियाणा में अब लोग रोज़मर्रा की खाने-पीने की चीजों में मिलावट की जांच सिर्फ़ ₹20 में करवा सकेंगे और शुरुआती नतीजे 10 से 12 मिनट में मिल जाएंगे। इसके लिए ‘फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया’ (FSSAI) की तरफ से दी गई पांच मोबाइल फूड सेफ्टी वैन पूरे राज्य में तैनात की गई हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि ये मोबाइल लैब खाने-पीने की चीजों की जांच सीधे सार्वजनिक जगहों, बाज़ारों और शिक्षण संस्थानों तक ले जाएंगी। इससे मौके पर ही जांच के साथ-साथ लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी और असुरक्षित खाने के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकेगी।
डॉ मिश्रा ने बताया कि ये मोबाइल लैब अधिकारियों को तेज़ी से फ़ील्ड-लेवल पर जांच करने और पारंपरिक लैब में शुरुआती जांच का इंतज़ार किए बिना संभावित रूप से असुरक्षित खाने-पीने की चीजों की पहचान करने में मदद करेंगी।
उन्होंने आगे कहा कि मोबाइल वैन फ़ूड-सेफ़्टी की निगरानी का दायरा बढ़ाने में खास तौर पर मददगार होंगी। इनसे अधिकारी बाजारों, संस्थानों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर शुरुआती टेस्टिंग कर पाएँगे और साथ ही नागरिकों को तेज़ी से और कम खर्च में टेस्टिंग की सुविधा भी मिल सकेगी।