शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण के साथ-साथ युवा पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए आधुनिक ज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल ने आज डलहौजी हिलटॉप स्कूल के वार्षिक समारोह ‘विरासत-2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि विरासत का अर्थ पीढ़ी दर पीढ़ी मिले ज्ञान के साथ-साथ वर्तमान पीढ़ी के विचारों और कार्यों से होने वाला बदलाव भी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, व्यावहारिक ज्ञान, समस्या समाधान की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी होना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह नीति नवाचार, कौशल विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित कर शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए एक सशक्त रूपरेखा प्रदान कर रही है।
राज्यपाल ने सीबीएसई की कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम के लिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि में सभी के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर निवासी अक्षत कुमार को बारहवीं कक्षा में 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर चंबा जिले में प्रथम स्थान हासिल करने पर बधाई दी। राज्यपाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अक्षत कुमार और लद्दाख निवासी अली अकबर को सम्मानित किया।