सिरसाः राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने हरियाणा के सिरसा में पिछले साल 25 नवंबर को महिला थाने के पास ग्रेनेड हमले के मामले में 4 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। राजबीर सिंह उर्फ फौजी, वेद प्रकाश उर्फ पम्मा, जीवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ज्योति और चिराग ठकराल के नाम शनिवार को पंचकूला की एनआईए विशेष अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में शामिल हैं।
ये मामला मूल रूप से 26 नवंबर, 2025 को सिरसा के सिविल लाइंस थाने में दर्ज किया गया था। बाद में एनआईए ने 30 दिसंबर, 2025 को इसे फिर से दर्ज किया। NIA ने इससे पहले 24 मई, 2026 को पंचकूला की विशेष अदालत में इस मामले में 9 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें पाकिस्तानी नागरिक शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच के नाम भी शामिल थे।
NIA की ओर से जारी बयान के अनुसार पूरक आरोपपत्र में साजिश और चारों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका का ब्योरा देने के साथ जांच के दौरान जुटाए साक्ष्य भी शामिल किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), धारा 109 (हत्या का प्रयास) और धारा 238 (अपराध के साक्ष्य मिटाना या अपराधी को बचाने के लिए गलत जानकारी देना), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा पांच (संदिग्ध परिस्थितियों में विस्फोटक बनाने या रखने की सजा) और धारा छह (उकसाने के लिए सजा) तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 18 (साजिश के लिए सजा), धारा 18बी (आतंकी कृत्य के लिए किसी व्यक्ति की भर्ती करने की सजा) और धारा 20 (आतंकी गिरोह या संगठन का सदस्य होने की सजा) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
एनआईए ने बताया कि जांच में सामने आया कि सिंह भारत में, इस सीमा पार नेटवर्क के समन्वयक के रूप में काम कर रहा था। इसने कहा कि वह विदेश में बैठे लोगों के साथ मिलकर भारत में हथियारों या हथगोले और मादक पदार्थों की खेप जुटाने तथा उन्हें इधर-उधर भेजने का काम करता था। सिंह के निर्देश पर काम करते हुए ठकराल, ग्रेवाल और प्रकाश ने विस्फोटकों के परिवहन में अहम भूमिका निभाई। यह हमला शहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्यों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत किया था। इसका मकसद पुलिस कर्मियों को नुकसान पहुंचाने के साथ आम लोगों में आतंक और भय पैदा करना था।
