लुधियानाः जिले के दुगरी में 1984 पीड़ितों के परिवारों के साथ मुलाकात करने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज पहुंचे। इस दौरान जत्थेदार ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने उनकी समस्याएं सुनीं। जत्थेदार ने कहा कि अलग-अलग जिलों से 25 हजार से करीब परिवार 1984 के दौरान दंगे में शामिल थे। इनमें अधिकतर परिवार लुधियाना से संबंधित थे।
जत्थेदार ने कहाकि 42 साल बाद भी दोषियों को उस तरह की सजा नहीं दी गई तो उन्हें मिलनी चाहिए थी। वहीं जत्थेदार ने कहा कि 1984 पीड़ितों को अभी तक कत्लेआम का इंसाफ़ नहीं मिला है। उन्होंने कहाकि पिछली सरकारों के दौरान पीड़ितों के मकानों से भी उनके हक़ खोए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग नाजायज़ तौर पर कब्ज़ा करके इनके मकानों पर बैठे हैं। जिसके संबंधी उन्होंने पुलिस कमिशनर को कई शिकायतें भी दी हैं, लेकिन बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह पत्र 2023 तक इंसाफ के लिए भेजे गए। ऐसे में एक जगह पर 150 लोग परेशान हो रहे है।
जत्थेदार ने कहा कि पहले ही परिवार के सदस्य 1984 में मारे गए थे, लेकिन अब उनके मकानों के कब्जे नहीं छोड़े जा रहे है। उन्होंने कहा कि वह इनकी अपील को एक बार फिर से प्रशासन के सामने रखते हैं ताकि इनका मसला हल हो, नहीं तो उनके द्वारा अगला कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई पीड़ित परिवारों के साथ धक्का कर रहे है तो वह उक्त लोगों से पीड़ित परिवार को कब्जा छोड़कर मकान वापिस देने की अपील की। इसके साथ ही जत्थेदार साहिब ने पायल से विधायक मनविंदर गयासपुरा को लेकर टिप्पणी की।
