फोन से अहम सबूत हुए बरामद
अमृतसरः कमिश्नरेट पुलिस ने सरहद पार से रची गई कथित आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस ने ISI के कथित हैंडलरों के संपर्क में रहे एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक 9 एमएम ग्लोक पिस्टल, 4 कारतूस और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किया गया मुलजिम सुमित कुमार उर्फ पंडित, रूपनगर के नंगल इलाके का रहने वाला है। आरोपी इस समय अपने रिश्तेदारों के पास पंडोरी वड़ैच (अमृतसर देहाती) में रह रहा था और एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था। साल 2023 में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था और वह जेल भी काट चुका है।
पुलिस के मुताबिक पाकिस्तान आधारित ISI हैंडलरों ने उसे पैसों का लालच देकर अपने साथ जोड़ा था। उसे हिदायत दी गई थी कि वह पुलिस ठिकानों पर ग्रेनेड हमला करे या पुलिसकर्मियों पर फायरिंग करे। यदि यह संभव न हो तो किसी सार्वजनिक स्थान पर दहशत फैलाकर अमन-शांति भंग करे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मुलजिम के मोबाइल फोन से कई अहम सबूत मिले हैं। फोन में ग्रेनेड और पिस्टल चलाने, हथियार छिपाने, रेकी करने और हमले की योजना बनाने संबंधी जानकारी और निर्देश मिले हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रेकी करते समय शक से बचने के लिए वह अपने साथ परिवार की एक बुजुर्ग महिला को लेकर जाता था।
गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि यह एक इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन था, जिसे CIA स्टाफ और सीनियर पुलिस अधिकारियों की निगरानी में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
इस कार्रवाई से एक संभावित आतंकी हमला टल गया है और जांच के दौरान और भी कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर गुप्त CCTV कैमरे, सादे कपड़ों में पुलिस कर्मचारियों की तैनाती और भागने के संभावित रास्तों पर निगरानी और मजबूत की है ताकि ऐसी किसी भी साजिश को समय पर नाकाम किया जा सके। पुलिस कमिश्नर ने पंजाब के युवाओं से अपील की कि वे पैसों के लालच या किसी के बहकावे में आकर ऐसी गतिविधियों का हिस्सा न बनें। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश की एजेंसियां पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन पंजाब पुलिस पूरी तरह चौकस और सक्षम है। एंटी-ड्रोन प्रणाली के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नई तकनीक की सफल टेस्टिंग हो चुकी है और जल्द ही इससे सरहद पार से ड्रोन द्वारा होने वाली गतिविधियों पर और प्रभावी ढंग से नजर रखी जा सकेगी।
