अमृतसरः पंजाब के गांव हरीनों के दो नौजवान किसान भाइयों द्वारा कथित तौर पर बैंक से परेशान होकर की गई। आत्महत्या के मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता डल्लेवाल द्वारा राज्य भर के टोल प्लाज़ा को मुफ़्त कर दिया गया। इसी कड़ी में अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर स्थित मानावाला टोल प्लाज़ा पर भी किसानों ने प्रदर्शन करते हुए वाहनों को बिना टोल के गुजारा। इस मौके पर किसान नेता गुरमीत सिंह नंगली ने कहा कि हरीनों गांव के दो सगे भाइयों ने बैंक से लिया कर्ज़ पूरी तरह अदा कर दिया था और एनओसी भी हासिल कर ली थी। इसके बावजूद बैंक द्वारा उनके कोरे चेकों का इस्तेमाल करके लाखों रुपए के नोटिस जारी किए गए, जिस कारण दोनों भाई मानसिक तनाव में आ गए और ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर गए।
उन्होंने दावा किया कि जब किसान संगठन ने फरीदकोट में बैंक का घेराव किया तो वहां ऐसे 135 मामले सामने आए। इसके अलावा पटियाला, संगरूर, मोगा सहित अन्य जिलों में भी इस तरह के कई मामले मिले हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि हज़ारों किसानों से जुड़ा गंभीर मसला है। दूसरी ओर, किसान नेता ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे संभावित व्यापारिक समझौते का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, पशुपालकों, मुर्गी पालकों, छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए नुकसानदेह साबित होगा और इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने लैंड पूलिंग नीति पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि किसानों को प्लाटों का लालच देकर ज़मीनें हासिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान संगठन इन सभी मसलों पर एकजुट हैं और सरकार किसानों को भरमाने में कामयाब नहीं होगी। गुरमीत सिंह नंगली ने बताया कि टोल प्लाज़ों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक मुफ़्त रखा गया है। यदि इसके बावजूद यदि कोई ठोस कदम न उठाया गया तो अगले चरण में डीसी दफ़्तरों का घेराव, ज्ञापन और अन्य संघर्षी कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
