अमृतसरः देहाती पुलिस ने सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की खेप बरामद कर आज़ादी दिवस से पहले बड़ी साजिश को नाकाम किया है। इस मामले में पुलिस ने 3 युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में रहकर हथियार मंगवाने और पंजाब के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करने के आरोप हैं। एसएसपी देहाती कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि ‘वॉर अगेंस्ट गैंगस्टर’ मुहिम के तहत पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगवा रहे हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
इसके बाद डीएसपी अटारी, डीएसपी (डी), थाना घरिंडा और अन्य टीमों ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गांव नेश्ता के पास विशेष नाकेबंदी कर कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से एक AK-47 राइफल, दो 30 बोर ऑटोमेटिक/मॉडिफाइड राइफलें, एक हैंड ग्रेनेड और मैगजीन बरामद किए हैं। इस दौरान जोबन सिंह को हथियार उठाने आते समय काबू किया गया, जबकि उसकी पूछताछ के बाद आकाशबीर सिंह और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक नाबालिग होने के कारण उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
एसएसपी चाहल ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी आकाशबीर पहले भी आर्म्स एक्ट के मामले में नामजद रह चुका है और जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा इस नेटवर्क से जुड़ गया। उन्होंने कहा कि आरोपी व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से संपर्क करते थे और ड्रोन के जरिए सीमावर्ती क्षेत्र में गिराए गए हथियार उठाकर आगे सप्लाई करते थे।
एसएसपी ने कहा कि ये हथियार किसी बड़ी आपराधिक या आतंकवादी वारदात के लिए भेजे गए हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज़ादी दिवस और अन्य त्यौहारों के मद्देनजर पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि हथियारों की डिलीवरी किसे की जानी थी और इसके पीछे और कौन-कौन शामिल है। उन्होंने बताया कि मामले की गहराई से जांच जारी है और आरोपियों का पुलिस रिमांड हासिल कर हथियारों के स्रोत, पैसों के लेन-देन, संभावित हवाला लिंक और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने से और अहम खुलासे होने की संभावना है।

