उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अमृतसर में ‘विदेशी मेले’ में हिस्सा लिया
अमृतसरः दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अमृतसर के रंजीत एवेन्यू में चल रहे ‘विदेशी मेले’ में शिरकत की। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास, आर्थिक प्रगति और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग (ड्रग एब्यूज) जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवा अहम भूमिका निभाएंगे।
भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी में से एक है, और इस युवा ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर युवा जरूरी कौशल नहीं सीखते हैं, तो इस जनसांख्यिकीय लाभ (डेमोग्राफिक एडवांटेज) को देश की आर्थिक प्रगति में नहीं बदला जा सकेगा। अमृतसर में पर्यटन के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री यहां आते हैं।
अगर उन्हें शहर में पर्यटक के तौर पर ज्यादा समय बिताने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, तो स्थानीय आय में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने इसे आर्थिक विकास के लिए एक आसान और प्रभावी अवसर बताया।
उन्होंने स्वदेशी उत्पादों और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत की स्वाभाविक क्षमताओं का इस्तेमाल करके उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाए जाएं और उन्हें विदेशी बाजारों तक पहुंचाया जाए।
पंजाब की प्रगति के बारे में उन्होंने कहा कि युवाओं परिवारों और किसानों की आय बढ़ाना आर्थिक विकास के लिए सबसे जरूरी है। नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को रोजगार और आय के अवसर देना भी जरूरी है, ताकि उनकी ऊर्जा को सकारात्मक और आर्थिक रूप से उत्पादक कार्यों में लगाया जा सके।
