चंडीगढ़ः पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से कांग्रेस पार्टी में सियासत गरमाई हुई है। हालांकि पार्टी के नेताओं द्वारा सबकुछ ठीक कहा जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर पूर्व सीएम व जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी का कहना है कि ‘हम मीटिंग में आए हैं, अंदर बैठकर बात करेंगे। तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे। हमारा स्टैंड क्लियर है।’ ऐसे में चन्नी के बयान से साफ है कि बघेल की मीटिंग में कोई फैसला न हुआ तो चन्नी बड़ा फैसला ले सकते हैं। मीटिंग के अंदर की तस्वीरे भी सामने आई है, जिसमें सासंद चन्नी और भूपेश बघेल के साथ बैठे दिखाई दे रहे है।
इस दौरान भूपेश बघेल के साथ सुखजिंदर रंधावा और प्रताप बाजवा बैठे हुए है। वहीं मीटिंग से पहले ढिल्लों ने कहाकि एजेंटा साफ है। ऐसे में बघेल के सामने मुद्दों को रखा जाए और मीडिया के सामने सारी बातें की जाए। वहीं 5 दिनों से चल रहे विवाद को लेकर ढिल्लों ने कहाकि यह सब चीजें चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि आज सारी लीडरशीप आई हुई है। ऐसे में जो लीडर आज तक बोलते भी नहीं थे वह भी आए हुए है। वहीं सुखजिंदर रंधावा से एजेंडे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर एजेंडा बता दिया तो वह मीटिंग में कुछ नहीं रहेगा।
ऐसे में विवाद को लेकर वह मामले को टाल-मटौल करते हुए दिखाई दिए और गैंगस्टर को लेकर मीटिंग में मुद्दा उठाने को लेकर बात की गई। इस मीटिंग में कांग्रेस हाईकमान ने चन्नी को 2-3 नेताओं के साथ मिलने को कहा था। फिर भी चन्नी गुट के करीब 80 नेता यहां पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। मीटिंग से पहले बागी गुट ने पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी को 2027 के चुनाव के लिए मुख्यमंत्री चेहरा बनाने की मांग कर दी है। उधर, इस मीटिंग से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग दूर दिखाई दिए। दरअसल, राजा वडिंग ने बीते दिन कहा कि वह चरणजीत सिंह चन्नी, अन्य नेताओं और भूपेश बघेल के बीच होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि बैठक की जगह या समय के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अनुशासन तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

