चंडीगढ़ः पंजाबी अभिनेता व गायक दिलजीत दोसांझ की सतलुज फिल्म को लेकर सियासत गरमाई हुई है। आज सुबह जालंधर दौरे पर आए दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने फिल्म को लेकर कांग्रेस और भाजपा पर निशाने साधे थे। वहीं अब बलतेज पन्नू ने कहा कि ‘सतलुज’ फिल्म रिलीज होने के कुछ घंटों बाद ही हटाने को लेकर सवाल खड़े किए है। पन्नू का आरोप है कि यह सब कांग्रेस शासन के दौरान हुई घटनाओं पर आधारित था और जब कांग्रेस का चेहरा बेनकाब होने लगा तो भाजपा की केंद्र सरकार ने फिल्म को हटवा दिया।
उन्होंने कहा कि इसके बाद बीबी खालड़ा का बयान सामने आया, जो तेजी से लोगों के बीच फैला। पन्नू ने कहा कि वर्ष 1996 में खालड़ा साहिब ने अकाली दल का समर्थन इस उम्मीद में किया था कि यदि बादल सरकार सत्ता में आएगी तो उनके मामले में न्याय दिलाने की कोशिश करेगी। लेकिन बाद में, उनके अनुसार, प्रकाश सिंह बादल ने बीबी खालड़ा से कहा था कि “अब इस मामले को छोड़ दीजिए, इससे क्या लेना।”
बलतेज पन्नू ने कहा कि खालड़ा साहिब स्वयं अकाली दल का हिस्सा रहे, इसके बावजूद उनकी कोई मदद नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि हरसिमरत कौर बादल को लगता है कि पंजाब सरकार ने फिल्म हटाने के लिए केंद्र सरकार को कोई पत्र लिखा था, तो वह उस पत्र को सार्वजनिक करें। उन्होंने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से कहा कि इतिहास को बदला नहीं जा सकता।

