चंडीगढ़ः पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सभी पार्टियों की सत्ता में आने के लिए नजरें टिकी हुई है। एक और आप पार्टी चुनावों में दोबारा जीत हासिल करने की होड़ में है, वहीं अकाली-कांग्रेस सत्ता में वापसी करने के लिए जोर लगा रही है। दूसरी ओर, भाजपा भी पंजाब में अकेले दम पर सत्ता में आने की होड़ में है। भाजपा की ओर से हाल ही में चुनावों से पहले केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब प्रधान नियुक्त किया गया है।
वहीं अब भाजपा की नजरें चुनावों से पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति पर टिकी है। माना जा रहा है कि यह जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के किसी भरोसेमंद और चुनावी अनुभव वाले वरिष्ठ नेता को सौंपी जा सकती है। पंजाब भाजपा पिछले करीब 13 महीने से स्थायी प्रभारी के बिना काम कर रही है। पिछले वर्ष 12 जून को एयर इंडिया विमान हादसे में तत्कालीन पंजाब प्रभारी एवं गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के निधन के बाद यह पद खाली है।
सितंबर 2022 में उन्हें पंजाब का प्रभारी बनाया गया था। पार्टी का मानना है कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के बाद अब संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने के लिए नए प्रभारी की तैनाती जरूरी है। नए प्रभारी की जिम्मेदारी संगठन और चुनावी तैयारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की होगी। ऐसे में भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अगले 10 दिनों में अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद विभिन्न राज्यों के प्रभारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसी क्रम में पंजाब के लिए भी नए प्रभारी के नाम पर अंतिम फैसला होने की संभावना है।

