अमृतसरः पंजाबी फिल्म ‘सतलुज’ बैन के बाद लगातार विवादों में घिरी हुई है। फिल्म को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस क्रम में भाजपा के सचिव राजीव शर्मा डिंपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फिल्म पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिल्म में पंजाब के इतिहास का एक ही पक्ष दिखाया गया है और हिन्दू समुदाय तथा पंजाब पुलिस की भूमिका और कुर्बानियों को भी उचित स्थान मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वे एक हिन्दू और पंजाब के मूल निवासी होने के नाते यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।
उनका आरोप था कि फिल्म में पंजाब के इतिहास को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें केवल सिख समुदाय से जुड़ी घटनाओं को दिखाया गया है, जबकि हिन्दू समुदाय और पंजाब पुलिस द्वारा दी गई कुर्बानियों को नजरअंदाज किया गया है। राजीव शर्मा ने कहा कि आतंकवाद के दौर में लालड़ू, चहेड़ू, बटाला और अन्य कई स्थानों पर हिन्दुओं की हत्याएँ हुईं, जिनका भी इतिहास में उल्लेख होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी फिल्म के माध्यम से इतिहास दिखाया जा रहा है तो उसका हर पक्ष जनता के सामने आना अनिवार्य है।
उन्होंने पंजाब पुलिस की भूमिका का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज पंजाब में शांति कायम करने में पुलिस की बड़ी कुर्बानियाँ रही हैं। उन्होंने माना कि किसी भी विभाग में कुछ व्यक्तियों से गलतियाँ हो सकती हैं, पर इस आधार पर पूरे पुलिस विभाग को कठघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता। भाजपा नेता ने पूर्व डीआईजी एएस अटवाल, पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह, पूर्व डीजीपी केपीएस गिल और जूलियो रिबेरो का ज़िक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनकी भूमिका और कुर्बानियों को भी इतिहास का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

