चंडीगढ़ः मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हैदराबाद से चंडीगढ़ आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E108 में लैंडिंग के बाद एक पावर बैंक में आग लगने की घटना सामने आई है। लैंडिंग के बाद केबिन बैग से धुआं निकला। इस घटना को लेकर यात्रियों में हड़कंप मच गया। विमान में धुआं ही धुआं फैल गया व चीख पुकार मच गई। इमरजेंसी निकास भी मुश्किल से खुल पाया। पावर बैंक में ब्लास्ट के बाद लगी आग को और होस्टेसों ने फायर फाइटिंग उपकरणों से काफी मशक्कत के बाद बुझाया।
केबिन क्रू ने तुरंत आग पर काबू पाया। सभी यात्री सुरक्षित हैं। विमान रुकने के बाद, जब यात्री अभी उतर ही रहे थे, तभी केबिन बैग से धुआं निकलता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि बैग के अंदर रखा पावर बैंक अचानक ज़्यादा गरम हो गया और उसमें आग लग गई। इस पूरी घटना में, धुएं के कारण तीन-चार लोग घबरा गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
सूत्रों के मुताबिक इंडिगो की फ्लाइट 6E-108 (HYD-IXC) करीब 3:29 बजे सुरक्षित उतरी। विमान में 198 यात्री, दो बच्चे और छह क्रू मेंबर सवार थे। लैंडिंग के बाद जब विमान वे नंबर-1 की ओर बढ़ रहा था, तभी सीट 39C पर बैठे यात्री ने क्रू को अपने पावर बैंक में आग लगने की जानकारी दी। आशंका जताई गई कि पावर बैंक फट गया था।
कैबिन क्रू ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन विमान के अंदर धुआं फैल गया। एहतियात के तौर पर इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किए गए। करीब 3:35 बजे क्रू मेंबर ने इमरजेंसी एग्जिट खोला और यात्रियों को फुलाए जाने वाले स्लाइड्स के जरिए बाहर निकाला गया। एयरफोर्स की फायर टेंडर टीम 3:38 बजे मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ चुकी थी।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जनवरी 2026 से फ्लाइट के दौरान यात्री पावर बैंक का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने पर रोक लगा दी थी। DGCA के अनुसार, पावर बैंक और अन्य रिचार्जेबल डिवाइस में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरियां आग लगने का बड़ा कारण बन सकती हैं। दुनिया भर में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां फ्लाइट के दौरान लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्म होकर आग का कारण बनी हैं।
पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियां केवल हैंड बैगेज में ही ले जाने की अनुमति है। इन्हें ओवरहेड केबिन या लगेज रैक में रखना सख्त मना है। ओवरहेड बिन में आग लगने की स्थिति में उसे समय रहते पहचानना और बुझाना बेहद मुश्किल होता है। DGCA का कहना है कि हैंड बैग के अंदर या ओवरहेड बिन में रखी बैटरियों में धुआं या आग लगने की शुरुआत तुरंत दिखाई नहीं देती, जिससे केबिन क्रू को समय पर प्रतिक्रिया करने में देरी हो सकती है और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
