चंडीगढ़ः आप पार्टी से 6 नेताओं के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने को लेकर आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति दोपद्री मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए खुलासे किए। सीएम मान ने कहाकि बागी हुए 6 नेता भाजपा में शामिल हो गए जो कि गलत है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब में 2 विधायकों की पार्टी है, ऐसे में एक हाउस के 6 नेता कैसे पार्टी में शामिल हो सकते है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को 95 विधायकों को लेकर लिखित पत्र दे दिया है। सीएम मान ने कहाकि पंजाबी ऐसी गद्दारी नहीं झलते, यह लोकतंत्र की हत्या है। ऐसे में अगर नेताओं ने कोई गलत काम किया है तो इसका मतलब यह नहीं वह कभी गलत काम नहीं कर सकते और उनके खिलाफ गलत काम को लेकर कोई पर्चा दर्ज नहीं हो सकता। इस दौरान सीएम मान ने राज्यसभा में रिकॉल का मुद्दा उठाया।
वहीं सीएम मान ने कहा कि अब कहा जा रहा हैकि आप सरकार के पास एक राज्य की पुलिस है और हमारे पास 21 राज्यों की पुलिस है। ऐसे में हमें धमकी दी जा रही है। पंजाब के लोग धमकियों से नहीं डरते। सीएम मान ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातों को सुना और कानून के दायरे में मामले को लेकर आश्वासन दिया। इस दौरान केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि डिप्टी सीएम बनने पहले उसके बारे में गलत कहा गया और बाद में डिप्टी सीएम का पद दिलाया गया।
लवली यूनिवर्सिटी के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के खिलाफ 2 दिन ईडी की टीम द्वारा कार्रवाई की गई। भाजपा में शामिल होने के दौरान उन्हें वाई सिक्योरिटी दी गई। सीएम मान ने कहा कि अब अशोक मित्तल वाशिंग मशीन में जाकर साफ हो गए। राघव चड्ढा को लेकर कहा कि वह भाजपा के खिलाफ जमकर निशाने साधते हुए कहते हुए भाजपा वाशिंग मशीन है, लेकिन अब वह खुद ही उस मशीन में चले गए।
पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर कहा कि वह भाजपा उन्हें धमकी दे रही है। वह याद रखे कि पंजाब में भाजपा के 2 विधायक है। कहीं ऐसा ना हो अगली बार पंजाब में भाजपा शून्य पर आ जाए। बाजवा और सुनील जाखड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सोने की बिस्कुट से नहीं बने, पंजाब के लोग आटे के बिस्कुट वाले है, जल्द विधायकों की गाड़ी मुड़ने वाली नहीं है। उन्होंने कहाकि सुनील जाखड़ सोच रहे है कि जैसे उनकी गाड़ी उधर मुड़कर चली गई, बाकी की भी मुड़ जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। यह आप सरकार के विधायक है और चट्टान की तरह खड़े रहेंगे।
