अमृतसरः परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में 15 अक्टूबर को बुलाए पंजाब बंद के दौरान दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (DSGMC) की ‘धर्म प्रचार समिति’ (पंजाब) के चेयरमैन मंजीत सिंह भोमा ने अमृतसर के विभिन्न बाजारों का दौरा किया और देखा कि पूरे शहर में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के अन्य जिलों से भी इस बंद को समर्थन मिलने की खबरें आई है।
उन्होंने बंद के दौरान सहयोग देने के लिए व्यापारियों, दुकानदारों और मीडिया का आभार व्यक्त किया। मंजीत सिंह भोमा ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा नशों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे और उनकी हत्या एक बेहद दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि जब सरकार, पुलिस और संबंधित विभाग नशों की समस्या को रोकने में विफल रहते हैं, तो जनता को खुद अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने परविंदर सिंह झोटा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत को श्रद्धांजलि दी।
आरोपी के घर और दुकान के खिलाफ प्रशासन द्वारा की कार्रवाई के संबंध में उन्होंने बताया कि ये कदम जनता के भारी विरोध के बाद उठाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि हत्या के समय आरोपी जिस व्यक्ति से फोन पर बात कर रहा था, उसकी पहचान की जाए और उससे पूछताछ की जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर इसमें कोई पुलिस अधिकारी या राजनीतिक हस्ती शामिल पाई जाती है, तो कानून के अनुसार उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। भोमा ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की मौत ने पंजाब के लोगों को नशे की समस्या के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस जन-आंदोलन के जरिए नशे के खिलाफ लड़ाई और मजबूत होगी।
