होशियारपुर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे आम आदमी क्लीनिक, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, महिलाओं के लिए 1,000 रुपये मासिक सम्मान राशि और मुफ्त बस यात्रा को बंद करना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें उनकी सरकार द्वारा लागू की जा रही लोक-पक्षीय पहलकदमियों को बर्दाश्त नहीं हो रहा। होशियारपुर के चब्बेवाल के अड़ने वाले गांव हरखोवाल में 154 नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित करने के बाद एक भारी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में अब 1,244 क्लीनिक हैं, जहां अब तक 6.48 करोड़ से अधिक ओ.पी.डी. दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 54.20 लाख परिवारों के शामिल होने और लगभग 8 लाख लाभार्थियों के इलाज का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि स्वास्थ्य देखभाल, बच्चों की शिक्षा और नौजवानों के लिए रोजगार उनकी सरकार की प्राथमिकता है, न कि नारेबाजी की राजनीति। पंजाब को लूटने के लिए पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को निशाने पर लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब तक उनके पास लोगों का प्यार और विश्वास है, तब तक उनकी सरकार को बदनाम करने का कोई भी प्रयास उनके हौसले को तोड़ नहीं सकता।
होशियारपुर में यूपीएससी कोचिंग सेंटर स्थापित करने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम चाहते हैं कि पंजाब के बेटे-बेटियां आईएएस और आईपीएस अधिकारी बनकर गर्व के साथ देश की सेवा करें। होशियारपुर का यह यूपीएससी कोचिंग सेंटर प्रतिभाशाली युवाओं को घर के नजदीक ही सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद करेगा और कोचिंग के आर्थिक बोझ को भी कम करेगा। हमारा लक्ष्य प्रत्येक योग्य विद्यार्थी के लिए, चाहे वह किसी भी वर्ग से संबंधित हो, सार्वजनिक सेवा के सर्वोच्च पदों तक पहुंचने के द्वार खोलना है।”

श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रकाश पर्व समारोहों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाएं, विशेष रूप से समानता, मानवीय गरिमा और भेदभाव रहित समाज का उनका संदेश, हमारी नीतियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो हमारे कार्यों में पूरी तरह प्रतिबिंबित होता है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां प्रत्येक व्यक्ति को जाति, वर्ग या आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रगति के समान अवसर मिल सकें।”
