चंडीगढ़: राज्य के स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों की शिकायतों एवं मांगों के निपटारे के लिए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन आने वाली विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के साथ व्यापक बैठकें कीं।

फ्रंटलाइन स्टाफ के कार्य माहौल को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को तुरंत निर्देश जारी किए। उन्होंने हिदायत की कि आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों की सुविधा के लिए उपयुक्त प्रबंध किए जाएं ताकि वे पंचायत घरों या अन्य उपयुक्त पंचायती इमारतों में एक दिन छोड़कर टीकाकरण अभियान चला सकें।

इस बात को ध्यान में रखते हुए कि कर्मचारियों के मुख्य मसले वेतन वृद्धि, समान वेतन, निष्पक्ष छुट्टी नीतियों और पारदर्शी तबादलों से संबंधित हैं, वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को सभी जायज मुद्दे अंतर-विभागीय कमेटी के समक्ष पेश करने के आदेश दिए। किसी भी तरह की देरी के बिना जायज मांगों का तुरंत निपटारा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कमेटी को सप्ताह में एक बार बैठक करने की सख्त हिदायत की।
