जालंधर, ENS: आंगनवाड़ी वर्करों ने आज मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को दी जाने वाली फीड निजी कंपनियों के माध्यम से वितरित करने की तैयारी पर आपत्ति जताई। वर्करों का कहना है कि उनकी 6 सेवाओं में से 5 पहले ही छीन ली गई हैं और अब बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारी वर्करों ने बताया कि उनके एक ब्लॉक में करीब 150 से 200 आंगनवाड़ी सेंटर हैं।
इसके बावजूद कई जगहों पर फीड की सप्लाई सभी केंद्रों तक पहुंचाने के बजाय कुछ चुनिंदा सेंटरों को ही दी जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 25 केंद्रों में से केवल दो को फीड मिलती है, तो बाकी 23 सेंटरों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है? उनके अनुसार, निजी कंपनी के कर्मचारी कुछ केंद्रों में फीड पहुंचा चुके हैं, जबकि सभी लाभार्थियों तक इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि आज का धरना पूरे पंजाब की आंगनवाड़ी वर्करों की मांगों को लेकर है। इसके तहत जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और सचिव को मांगपत्र भेजकर पहले दिए गए आश्वासन पर अमल करने की मांग की जा रही है। वर्करों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकालेगी। उनका कहना है कि बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध करवाने की व्यवस्था सुचारू होनी चाहिए और किसी भी सेंटर के बच्चों को उनके हक से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।