चंडीगढ़ः अब धार्मिक बेअदबी करने वालों की कड़ी सजा होगी, क्योंकि आप सरकार द्वारा पेश किए गए बेअदबी एमंडमेंट बिल को मंजूरी दे दी गई है। ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ एक कानून का रूप लेने के लिए तैयार है। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस ऐतिहासिक विधेयक को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

इस नए संशोधन विधेयक की सबसे बड़ी विशेषता इसमें सजा का कड़ा प्रावधान है। बेअदबी के मामलों में न्यूनतम सात साल की सजा का प्रावधान रखा गया है, जिसे 20 साल तक बढ़ाया भी जा सकता है। इसके साथ ही दोषियों पर 2 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साजिश के तहत सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से इस तरह का अपराध करता है, तो उसके लिए और भी कड़ी सजा तय की गई है। ऐसे मामलों में दोषी को 10 साल से लेकर उम्रकैद (मृत्यु तक) जेल में रहना होगा। इसके अलावा 5 लाख से 25 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने इसे राज्य की धार्मिक भावनाओं और मर्यादा की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि उनकी सरकार पवित्र धर्मग्रंथों के सत्कार को बहाल करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
