चंडीगढ़ : इमरजेंसी हालातों से निपटने के लिए पंजाब के विभिन्न जिलों में ब्लैकआउट किया गया। जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा अलग-अलग स्थानों पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें सरकारी डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस ड्रिल का मुख्य मकसद किसी भी अचानक हुई घटना या इमरजेंसी हालात के दौरान तुरंत और असरदार तरीके से एक्शन लेने की तैयारी को टेस्ट करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान रेलवे, पुलिस, हेल्थ डिपार्टमेंट, फायर ब्रिगेड और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने मिलकर अपनी-अपनी भूमिका निभाई। इस दौरान एक काल्पनिक इमरजेंसी हालात बनाए गए। जिसमें यात्रियों की सुरक्षा, घायलों को तुरंत मेडिकल मदद देना और आग बुझाने जैसे काम किए गए। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल करने का मकसद डिपार्टमेंट्स के बीच तालमेल को और मजबूत करना है, ताकि किसी भी असली इमरजेंसी के समय आपसी तालमेल की कमी न रहे।
इस ब्लैकआउट-मॉकड्रिल का मकसद लोगों को इमरजेंसी स्थितियों के बारे में जागरूक और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट के दौरान प्रशासन का पूरा सहयोग करें और घबराने के बजाय शांति बनाए रखें।
