झांसीः उत्तर प्रदेश में झांसी के रक्सा क्षेत्र में कलेजा कंपाने वाला मामला सामने आया है। गांव ढीमरपुरा में मां के साथ सो रहे तीन साल के मासूम को उठाकर पिता ने चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी और खुद फांसी के फंदे पर झूल गया। शनिवार सुबह महिला ने पति व बेटे के शव बंद कमरे में देखे तो चीख पड़ी। वहीं पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गांव ढीमरपुरा निवासी प्रेम सिंह पत्नी, बच्चों के साथ रहता था। शुक्रवार देर रात पत्नी परिवार के अन्य लोगों के साथ आंगन में बिछौना बिछाकर सो गई। जबकि प्रेम सिंह किसी शादी समारोह में गया था। आधी रात के बाद वह घर लौटा। उसने चुपके से मां के बगल में सो रहे तीन साल के मासूम बेटे भरत को गोद में उठाकर कमरे में ले गया। वहां चाकूओं से गोदकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
फिर स्वयं रस्सी से फांसी का फंदा बनाया और झूल गया। शनिवार करीब साढ़े तीन बजे पत्नी को आहट हुई। उसने खिड़की से झांककर देखा तो चीख पड़ी। प्रेम सिंह का शव फंदे पर झूल रहा था। जबकि बेटे भरत का शव खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। वहीं शोर सुनकर आसपास हड़कंप मच गया। घटना की सूचना पाकर पुलिस व अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रक्षा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम ढिमरपुरा में रहने वाले प्रेम सिंह (40) पुत्र काशीराम शराब पीने का आदी था। शराब के नशे में आए दिन उसका अपनी पत्नी व परिवार वालों से झगड़ा होता था।
घर की खेती−किसानी करके वह अपने परिवार का भरण−पोषण करता था, लेकिन शराब की लत ने घर को बर्बाद कर दिया था। उसके 3 बच्चे थे। बड़ी बेटी 5 साल की तुलसा, 4 साल की विनीता और 3 साल का लड़का भारत था। पत्नी आशा के अनुसार शुक्रवार की रात प्रेम सिंह घर पर शराब के नशे में आया और झगड़ा करने लगा। उस समय तीनों बच्चे अपनी मां के पास एक कमरे में सो रहे थे।
शोर सुनकर बच्चों की भी आंख खुल गई। प्रेम सिंह ने अपने 3 साल के लड़के भरत को पत्नी के पास से उठाया और दूसरे कमरे में लेकर चला गया। पत्नी ने सोचा कि दूसरे कमरे में जाकर पिता पुत्र सो गए होंगे। रात लगभग 2 बजे उसकी आंख खुली तो उसने जाकर दूसरे कमरे में दरवाजा खटखटाया। लेकिन अंदर से कोई उत्तर नहीं मिला। काफी देर प्रयास के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने खिड़की से झांक कर देखा। खिड़की से झांकने पर अंदर कमरे में प्रेम सिंह फांसी के फंदे पर लटका था। वहीं पास में एक दरी पर उसका 3 वर्षीय बेटा भरत लहूलुहान पड़ा हुआ था।
उसके गले से निकला खून दरी पर जम चुका था। पास ही एक चाकू भी पड़ा था। सम्भवतः इसी चाकू से प्रेम सिंह ने अपने मासूम बेटे का गला रहता था। सूचना पर सीओ सदर रामवीर सिंह, डायल-112, थाना प्रभारी रक्सा उदय प्रताप सिंह, फॉरेंसिक टीम पहुंची। आनन-फानन में दरवाजा तोड़ा कर देखा तो पुलिस के भी पैरों तले जमीन सरक गई। इसके बाद मां बेहोश हो गई। मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। जो काफी देर तक सुबूत एकत्र करने में जुटी रही। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्या बाद आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।
