नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध का असर अब पूरी दुनिया में साफ नजर आ रहा है। इस जंग के कारण तेल की सप्लाई पर भी असर हो रहा है। इससे कई देशों में तेल की कमी महसूस की जा रही है। इसका असर भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी देखने को मिला है। पाकिस्तान में हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। तेल की कमी और बढ़ती लागत के चलते पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल औऱ डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस बार कीमतों में 26 रुपये 77 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया है जिससे आम लोंगों पर सीधा असर हुआ है।
पाकिस्तान में हुई पेट्रोल-डीजल की कीमत
नई कीमतों के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल इस समय 393 रुपये 35 पैसे प्रति लीटर हो चुका है। वहीं डीजल की कीमत 380 रुपये 19 पैसे प्रति लीटर पहुंच गई है। ईंधन के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ना तय है क्योंकि परिवहन महंगा हो जाता है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण से पाकिस्तान के लोगों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। यदि मिडिल ईस्ट में हालात जल्द नहीं सुधरे। आने वाले समय में तेल की कीमतें और बढ़ेगी। इससे स्थिति और कठिन हो सकती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के कारण बढ़ी कीमतें
ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग का सबसे बड़ा असर तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है। यही कारण है कि पूरी दुनिया में तेल की कमी औक कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इस इलाके में जब भी हालात बिगड़ते हैं तो सबसे पहले असर उसी रास्ते पर होता है जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल ले जाता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस पूरे मामले में सबसे खास है क्योंकि दुनिया का करीबन 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है। यदि यहां पर तनाव बढ़ता है या रास्ता किसी कारण से रुक जाता है। तेल की सप्लाई तुरंत प्रभावित हो जाती है। इससे दुनिया के कई देशों में तेल की कमी शुरु हो जाती है और कीमतें तेजी से बढ़ने लगती है।
