हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों को मान लिया है। बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में हड़ताल शुरू की थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज के साथ हुई बैठक के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने पर सहमति जताई। हड़ताल खत्म होने के बाद अब प्रदेश में बिजली सप्लाई बहाल करने का काम शुरू किया जाएगा। सरकार और कर्मचारी संगठन के बीच बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है।
बिजली के निजीकरण का विरोध कर रहे थे कर्मचारी
हरियाणा के बिजली कर्मचारी बिजली विभाग के निजीकरण के फैसले का विरोध कर रहे थे। कर्मचारियों को आशंका थी कि निजीकरण से उनके हितों पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर बिजली कर्मचारी और उनके संगठन हड़ताल पर चले गए थे। इस हड़ताल के कारण प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर परेशानी पैदा होने की आशंका थी। सरकार भी लगातार कोशिश कर रही थी कि आम लोगों को बिजली से जुड़ी किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्या कहा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए थी। पिछले कई दिनों से बिजली मंत्री और विभाग के अधिकारी इस विषय पर काम कर रहे थे, ताकि प्रदेश के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) की ओर से आदेश जारी किया गया, उससे पहले ही बिजली मंत्री विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार का रुख साफ कर चुके थे। सरकार ने स्पष्ट किया था कि वह इस फैसले के पक्ष में नहीं है।
सरकार बिजली कर्मचारी यूनियन के साथ: CM सैनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिजली कर्मचारी यूनियन के साथ है। HERC का आदेश आने के बाद ऐसी स्थिति पैदा हो गई, जिसके कारण बिजली कर्मचारी और यूनियन के पदाधिकारी हड़ताल पर चले गए। उन्होंने बताया कि आज कर्मचारियों के साथ अच्छे माहौल में बातचीत हुई। बातचीत के बाद कर्मचारी संगठन भी संतुष्ट हुआ और उसने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार चाहती है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो और प्रदेश में बिजली व्यवस्था सामान्य बनी रहे।
HERC के फैसले की समीक्षा के लिए सरकार देगी निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) एक अलग कानून के तहत काम करता है। इसलिए सरकार ने इस मामले में कानूनी प्रावधानों के अनुसार कदम उठाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि बिजली अधिनियम (Electricity Act) की धारा 108 के तहत सरकार HERC को इस फैसले की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश देगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य संबंधित फैसले पर फिर से विचार करवाना है, ताकि इस मामले का समाधान निकाला जा सके।
अनिल विज ने कहा- फैसले को रोकने के लिए कार्रवाई होगी
बिजली मंत्री अनिल विज ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उन्होंने इस संबंध में पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। पत्र संबंधित विभाग को भेज दिया गया है, ताकि तुरंत जरूरी कार्रवाई की जा सके और संबंधित फैसले को रोका जा सके। अनिल विज ने कहा कि बिजली कर्मचारी यूनियन की कुछ अन्य मांगें भी हैं। उनका विभाग इन मांगों पर लगातार काम कर रहा है।
3 नवंबर को कर्मचारियों की मांगों पर होगी बैठक
बिजली मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि आज की बैठक में कर्मचारियों की अन्य मांगों पर विस्तार से चर्चा नहीं हुई। इन मांगों पर बातचीत के लिए उन्होंने 3 नवंबर को दोपहर 3 बजे का समय दिया है। इस बैठक में कर्मचारी संगठन की बाकी मांगों पर चर्चा की जाएगी। फिलहाल सरकार और कर्मचारी यूनियन के बीच हुई बातचीत के बाद हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया गया है।
अब बिजली सप्लाई बहाल करने की तैयारी
हड़ताल खत्म होने के बाद अब बिजली सप्लाई को सामान्य करने का काम शुरू किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के लोगों को जल्द से जल्द सामान्य बिजली आपूर्ति मिल सके।