लुधियानाः नगर निगम के सैनिटरी इंस्पेक्टर सहित निगम कर्मियों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, इंस्पेक्टर व निगम कर्मचारियों पर बोगस बैंक खातों में 1.75 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने के आरोप लगे हैं। उन्होंने 44 कर्मचारियों के स्टैंप-पेपर के जाली बिल पास किए हैं। जिसके चलते सैनिटरी इंस्पेक्टर सहित 7 कर्मचारियों पर थाना डिवीजन नंबर 7 में पुलिस ने धोखाधड़ी की FIR दर्ज कर ली है।

दोषियों की पहचान सैनिटरी इंस्पेक्टर राजेश कुमार, रमेश कुमार सफाई सेवर, मिंटू कुमार सफाई सेवक, हेम राज अमला क्लर्क, हर्ष ग्रोवर अमला क्लर्क, मनीष मल्होत्रा अमला क्लर्क, कमल कुमार सफाई सेवक के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पहले राजेश कुमार अमला क्लर्क का था। अब प्रमोट होकर सैनिटरी इंस्पेक्टर बन चुका है। मामले की जानकारी देते हुए थाना डिवीजन नंबर 5 के एसएचओ जगजीत सिंह ने बताया कि घोटाले में 7 लोगों के खिलाफ IPC की धारा 420 और 409 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
इन सातों कर्मियों को निलंबित कर दिया है। जबकि 12 अन्य कर्मचारियों को भी नोटिस भेजा है। वहीं जांच अधिकारी एडिश्नल कमिश्नर परमदीप सिंह ने इस मामले की रिपोर्ट मेडिकल अफसर डा. गुलशन राय से मांगी थी। जांच में सामने आया कि गबन के मामले में दस्तावेजों से भी छेड़छाड़ हुई है। उस समय के मैडिकल अफसर को भी जांच के घेरे में ले लिया गया है। उधर, निगम कमिश्नर संदीप ऋषी ने इस मामले में बाहर से आडिट करवाने की सिफारिश भी की है। उनके मुताबिक 2021 से 2023 के बीच जितनी भी पैमेंट आदि हुई है उसकी जांच होगी। आरोपियों से निगम के पैसे की वसूली भी की जाएगी।

