सेहत: आजकल ज्यादातर लोग वॉशरुम में मोबाइल फोन लेकर जाते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया स्क्रोल करते-करते या वीडियो देखते हुए कई बार लोग जरुरत से ज्यादा समय टॉयलेट सीट पर बिताने लगते हैं। देखने में भले ही यह आदत भले ही नॉर्मल लगे लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, इसका सीधा असर पाचन तंत्र और रेक्टल हेल्थ पर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का यह कहना है कि रोज 10-15 मिनट से ज्यादा समय टॉयलेट में बिताना कई स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता हैं।
इस वजह से खतरनाक है यह आदत
गैस्ट्रो और जीआई सर्जनों के अनुसार, लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठे रहने से रेक्टम और एनस के आस-पास के नसों पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है। ऐसे में लगातार ऐसा होने पर नसों में सूजन आ सकती है। इससे बवासीर यानी पाइल्स की समस्या शुरु हो सकती है। इसके कारण दर्द, खुजली और मल त्याग के दौरान ब्लीडिंग जैसी परेशानी भी हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, वेस्टर्न स्टाइल कमोड पर बैठने की पोजिशन भी कई बार समस्या बढ़ा सकती है। सामान्य स्कवाटिंग पोजीशन की तुलना में कमोड पर बैठने से रेक्टल एरिया पर ज्यादा प्रभाव दबाव पड़ सकता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति फोन इस्तेमाल करते हुए ज्यादा देर तक बैठा रहे तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
बढ़ेगी कब्ज की दिक्कत
कई लोग कब्ज होने पर लंबे समय तक टॉयलेट में बैठे रहते हैं क्योंकि उनको लगता है कि इससे पेट पूरी तरह से साफ हो जाएगा परंतु डॉक्टरों के अनुसार, यह आदत कब्ज को और बढ़ा देगी। ज्यादा तेर तक जोर लगाने से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां पर असर पड़ता है और बॉवेल मूवमेंट भी प्रभावित होती है। इससे एनल फिशर और रेक्टल प्रोलैप्स जैसे समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
ऐसे करें बचाव
एक्सपर्ट्स का कहना है कि टॉयलेट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करना बहुत सबसे जरुरी है। इसके अलावा खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं, पानी पिएं और नियमित एक्सरसाइज करें। इससे भी पाचन तंत्र बेहतर होगा और मल त्याग में ज्यादा समय नहीं लगेगा। यदि किसी व्यक्ति को रोज 10 मिनट से ज्यादा समय टॉयलेट में लग रहा है। मल त्याग के दौरान दर्द हो रहा है या ब्लीडिंग हो रही है तो इसको नजरअंदाज न करें। डॉक्टर के अनुसार, ऐसे लक्षण किसी गंभीर समस्या का संकेत होंगे और इनकी समय रहते जांच करना जरुरी है।

