सेहत: हंता वायरस को लेकर इन दिनों एक नई चिंता सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ये खतरनाक वायरस ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म के जरिए भी फैल सकता है। इसके बाद लोगों के मन में डर बढ़ गया है। खासकर उन परिवारों में जहां छोटे बच्चे या प्रेग्नेंट महिलाएं हैं हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे मामले बेहद रेयर हैं और बिना पूरी जानकारी के घबराने की जरुरत नहीं है।
ऐसे हुई थी शुरुआत
इस चर्चा की शुरुआत 2023 में जर्नल वायरसेस में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, रिकवरी के कई साल बाद तक मौजूद रह सकता है। स्विट्जरलैंड के स्पीएज लैबोरेटरी के साइंटिस्ट्स ने अपनी रिसर्च में बताया कि एंडीज वायरस मेल रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट में लंबे समय तक टिक सकता है। ठीक वैसे ही जैसे इबोला और जीका जैसे कुछ दूसरे वायरस। रिसर्च में कहा गया कि एंडीज वायरस में सेक्शुअल ट्रांसमिशन की संभावना हो सकती है लेकिन अब तक ऐसा कोई कंफर्म केस सामने नहीं आया है।
रिकवरी के बाद भी होगा इंफेक्शन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रिसर्च के अनुसार, रिकवरी के बाद स्पर्म में वायरस का आरएनए मिलना कोई नई बात नहीं है। उनके अनुसार, कम से कम 27 अलग-अलग वायरस में ऐसा देखा जा चुका है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, जो इम्यून सिस्टम से काफी हद तक सुरक्षित रहता है। इसी कारण से कुछ वायरस वहां लंबे समय तक बने रह सकते हैं हालांकि उन्होंने साफ किया है कि रिसर्च में सिर्फ वायरस आरएनए मिला था। जिंदा वायरस नहीं यानी अभी तक इस बात का सबूत नहीं है। रिकवरी के बाद भी वायरस इंसान को इंफेक्टेड कर सकता है।
हो सकती है दिक्कत
ब्रेस्ट मिल्क को लेकर भी एक स्टडी ने चिंता बढ़ाई थी। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के जर्नल इमर्जिंग इन्फेक्शियस डिजीज रिसर्च में चिली की एक इंफेक्टेड मां के ब्रेस्ट मिल्क में एंडीज वायरस के जीनोम और प्रोटीन मिलने की बात कही गई थी। रिसर्चस का मानना था कि इससे मां से बच्चे में वायरस पहुंचने की संभावना हो सकती है।
नहीं है किसी को डरने की जरुरत
एक्सपर्ट के अनुसार, कि इस तरह के मामले बहुत कम है। उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट मिल्क के जरिए हंता वायरस फैलने के केस बहुत रेयर हैं। आम लोगों को जरुरत से ज्यादा डरने की डरने नहीं है। बीमारी की शुरुआत तेज बुखार वाले फेज में कुछ समय के लिए ब्रेस्टफीडिंग रोक सकती है क्योंकि उस दौरान वायरल लोड ज्यादा होता है लेकिन सिर्फ डर के कारण से हमेशा के लिए ब्रेस्टफीडिंग बंद करना नहीं सही माना जाता है।

